भारत की दावेदारी का समर्थन

भारत की दावेदारी का समर्थन

ब्रिटेन और फ़्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया है. दोनों देशों ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने की बात कही है.

जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाक़ात ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोज़ी से हुई. इन मुलाक़ातों के दौरान ही दोनों देशों के नेताओं ने भारत को समर्थन देने की बात कही.

ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने के बाद कैमरन के साथ भारतीय प्रधानमंत्री की पहली मुलाक़ात थी. डॉ मनमोहन सिंह ने उनकी जीत पर बधाई दी. भारतीय प्रधानमंत्री ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री को भारत आने का न्यौता भी दिया.

उम्मीद की जा रही है कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री कैमरन इस साल जुलाई में भारत का दौरा करेंगे.

कैमरन ने विपक्षी दल के नेता के तौर पर 2006 में भारत की यात्रा की थी.

भारत-ब्रिटेन

दोनों देशों के नेता इस बात पर एक मत थे कि व्यापार और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में इन देशों के बीच सहयोग की भारी संभावनाएं हैं.

भारत और ब्रिटेन साल 2006 में द्विपक्षीय संबंधों को सामरिक भागीदारी के स्तर पर ले गए. ब्रिटेन भारत में चौथा सबसे बड़ा निवेशक है. भारत ने भी ब्रिटेन में भारी निवेश किया है. दोनों देशों के बीच 13 अरब डॉलर व्यापार का अनुमान लगाया गया है.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि वे चाहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में भारतीय छात्र ब्रिटेन पढ़ने के लिए आएं.

दोनों नेताओं ने जी-20 शिखर सम्मेलन पर भी अपने विचार साझा किए. मनमोहन सिंह ने उनसे कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी प्रत्यक्ष रूप से दिखने के लिए सभी देशों को मिलकर योजनाबद्ध कोशिश करने की जरूरत है.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार लाए जाने पर ज़ोर दिया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने संवाददाताओं से बताया, "ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र परिषद में स्थाई सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया है."

गर्मजोशी

फ़्रांस के प्रधानमंत्री सारकोज़ी के साथ भी मनमोहन सिंह की मुलाक़ात काफी अच्छे माहौल में हुई. भारतीय प्रधानमंत्री ने सारकोज़ी को जनवरी 2008 में उनकी भारत यात्रा की याद दिलाई. उन्होंने सारकोज़ी को फिर से अपनी पत्नी कार्ला ब्रूनी के साथ भारत आने का न्यौता दिया.

राष्ट्रपति सारकोजी ने कहा कि वे चाहते हैं कि न सिर्फ़ जी-20 में बल्कि दुनिया के मामलों में भारत एक अहम भूमिका अदा करे.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी और आतंकवाद से लड़ने में उसकी भूमिका का समर्थन किया.

सारकोज़ी ने कहा कि जी-20 के लिए विज़न तय करने में वे भारत से सलाह लेना चाहते हैं. दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग और व्यापार पर भी चर्चा की.

फ़्रांस यूरोपीय देशों में भारत के साथ पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+