ढाका में हड़ताल के दौरान झड़पें

बांगलादेश की राजधानी ढाका में तीन साल बाद हुई पहली आम हड़ताल के दौरान पुलिस और विपक्षी प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं.
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के मार्च को रोका और कोई 200 लोगों को गिरफ़्तार भी किया.
ये हड़ताल सरकार की ‘विफलताओं और ज़्यादतियों’ को उजागर करने के लिए बांगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानि बीएनपी और उसके सहयोगी दलों ने बुलाई थी.
इसे प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के लिए पहली महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. उन्होने जनवरी 2009 में अपना पद संभाला था.
ढाका स्थित बीबीसी के संवाददाता मार्क डमेट का कहना है कि अधिकतर बांगलादेशियों ने हड़ताल के आह्वान का पालन किया है.
पूरे देश में सार्वजनिक यातायात और अधिकतर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे.
ढाका दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले शहरों में गिना जाता है जहां की सड़कें बहुत व्यस्त रहती हैं लेकिन हड़ताल के कारण वो ख़ाली पड़ी रहीं. केवल पुलिसकर्मी ही अधिक संख्या में काम पर गए बाक़ी ने छुट्टी रखी.
पुलिस वालों ने प्रदर्शकारियों पर लाठी चार्ज किया.
बीएनपी और उसका सहयोगी दल जमाते इस्लामी सरकार पर भ्रष्टाचार से निपटने और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार करने में असफल होने का आरोप लगाते हैं.
विपक्षी दलों ने फिर से चुनाव कराए जाने की मांग की है. वैसे बांगलादेश में संसदीय चुनाव 2013 में होने हैं.
सत्ताधारी अवामी लीग पार्टी की नेता और प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने शनिवार को कहा था, “बीएनपी और उसके पिट्ठू लोकतंत्र को विफल करके अराजकता फैलाना चाहते हैं”.












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