आतंकवाद पर मिलकर काम करेंगे सीबीआई और एफआईए
इस्लामाबाद, 27 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए शनिवार को संकेत दिया कि वह मुंबई हमले को अंजाम देने वालों के आवाजों का नमूना भारत का प्रदान कराएगा। पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि दोनों देशों की जांच एजेंसियां 26/11 जैसे हमलों की पुनरावृति रोकने के लिए मिलकर काम करेंगी।
भारतीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम और पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बातें सामने आईं। मलिक ने इस अवसर पर सलाह दिया कि आतंकवाद और मुंबई हमले के मद्देनजर भारत की खुफिया जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "हमने तय किया है कि दोनों देशों की ये खुफिया एजेंसियां साथ मिलकर काम करेंगे ताकि भविष्य में मुंबई जैसी घटनाओं की पुनरावृति होने से रोकी जाए।"
चिदंबरम ने कहा, "कल मैं जब यहां से वापस स्वदेश लौटूंगा तो विचारों के आदान प्रदान और एक दूसरे की परिस्थितयों को समझने की धारणा बनेगी। हम दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि जिस गंभीरता से आतंकवाद के मुद्दे से निपटने की जरूरत है, हम उसे उतनी गंभीरता से लेंगे।"
उन्होंने कहा, "कोई भी हमारे इरादों पर सवाल नहीं उठा रहा है। हमारी बातचीत में कुछ नतीजे निकलकर आए हैं, जो बाद में परिलक्षित होंगे।"
इससे पहले मलिक ने कहा कि जिस तालिबान ने पाकिस्तान में आतंक मचा रखा है, उनका अगला निशाना भारत और बांग्लादेश होने वाले हैं।
समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने खबर दी है कि मलिक ने यह दावा दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के आंतरिक मंत्रियों की बैठक के समापन के मौके पर मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत के दौरान किया।
मलिक ने कहा कि पाकिस्तान पूरी पारदर्शिता के साथ मुंबई हमले की जांच कर रहा है।
मलिक ने आतंकी ताकतों को चेतावनी दी कि दक्षेस के सदस्य देश अपने संयुक्त प्रयासों के जरिए उनके नापाक इरादों को नेस्तनाबूत कर देंगे। मलिक ने कहा कि आतंकियों को हर हाल में पराजय का सामना करना है। उन्होंने कहा कि हर धर्म शांति का संदेश देता है, जबकि अराजक तत्वों का न कोई धर्म होता है और न सीमा ही।
आतंकियों को धर्म के नाम का गलत लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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