दक्षेस ने समन्वित आतंक निरोधी कार्रवाई का संकल्प लिया (राउंडअप-इंट्रो)

दक्षेस के आंतरिक मंत्रियों की बैठक में इंटरपोल की तर्ज पर सार्कपोल के गठन के पाकिस्तान के प्रस्ताव पर भी विचार करने का निश्चय किया।

दक्षिण एशिया में सुरक्षा के गंभीर हालात को रेखांकित करते हुए भारतीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सम्मेलन में कहा, "शांति और सुरक्षा को बनाए रखने के रास्ते में आतंकवाद के बढ़ रहे खतरे ने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर रखी है और इसने हमारे क्षेत्र में आर्थिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है।"

उन्होंने कहा, "हम सभी इस पर निस्संदेह सहमत हो सकते हैं कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र के सामने सुरक्षा की एक गंभीर स्थिति है।"

दक्षेस के सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की बैठक शनिवार को यहां शुरू हुई। बैठक में सदस्य देशों के बीच समन्वय बढ़ाने की सिफारिशों पर विचार के साथ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा।

चिदंबरम ने कहा, "हम सभी बिना किसी संदेह के सहमत हैं कि दक्षिण एशिया सुरक्षा की गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। दक्षेस देशों के बीच केवल पूर्ण सहयोग ही क्षेत्र में आतंकवाद के गंभीर खतरे से निपटने में सक्षम होगा।"

चिदंबरम ने पाकिस्तानी गृह मंत्री रहमान मलिक के उद्घाटन भाषण की प्रशंसा की, जिसमें आतंकवाद के खतरे और न्यूयार्क पर 9/11 तथा मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमले के प्रभावों पर प्रकाश डाला गया था।

मलिक ने कहा कि दक्षिण एशिया में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए दक्षेस पुलिस बल का गठन जरूरी है। उन्होंने कहा कि दक्षेस देशों को इस क्षेत्र में आतंकवाद की समाप्ति के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।

बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, आव्रजन एवं वीजा नियमों में बदलाव, मादक पदार्थो एवं मानव तस्करी पर रोक और समुद्री सुरक्षा समेत 13 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

पाकिस्तान ने दक्षेस देशों में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए इंटरपोल की ही तरह सार्कपोल गठित करने का प्रस्ताव रखा। दक्षिण एशियाई देशों के बीच सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर केंद्रित सम्मेलन में पाकिस्तान और भारत के अलावा श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, अफगानिस्तान और मालदीव के गृह मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।

उधर, चिदंबरम ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमले के पीछे और अधिक लोगों का हाथ था तथा और अधिक लोगों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तथ्य को पाकिस्तान सरकार के सामने रखा गया है।

चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान की विभिन्न अदालतों में सात संदिग्धों पर चल रहे मुकदमे में हुई प्रगति की जानकारी देना पाकिस्तानी सरकार पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा, "मलिक के साथ अपनी बैठक से मुझे सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। हमने यह निश्चित करने की कोशिश की कि पहले जो हो चुका है उसके अलावा क्या करने की जरूरत है। हमने एक-दूसरे से सीधे बात की।"

लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ ठोस कार्रवाई पर जोर देते हुए चिदंबरम ने पाकिस्तान सरकार से सईद के खिलाफ पेश सबूत मांगे क्योंकि पाकिस्तान पहले सईद के खिलाफ मुकदमा चलाने में कानूनी कठिनाइयां बता चुकी है।

आतंकवाद को दोनों देशों के लिए समान खतरा बताते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा कि आतंकवाद को हराने के लिए भारत और पाकिस्तान को एकजुट होने की जरूरत है।

कुरैशी ने समाचार चैनल टाइम्स नाउ से कहा, "मेरे विचार से आतंकवाद के समान शत्रु को हराने के लिए हमें एकजुट होना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "चिदंबरम के साथ मेरी मुलाकात अच्छी और स्पष्ट रही। चिदंबरम ने भारत के रुख और चिंताओं को सामने रखा तथा मैंने पाकिस्तान की धारणा को।"

मुबई हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा, "हम आतंकवाद और आतंकी संगठनों के खिलाफ पूरी ताकत से आगे बढ़ना चाहते हैं। आतंकवाद पाकिस्तान को दर्द दे रहा है। हम खुद आतंकवाद से पीड़ित हैं।"

कुरैशी ने कहा कि आतंकवाद केवल एक क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक समस्याओं में से है।

उन्होंने कहा, "एक साथ बैठक महत्वपूर्ण है, खुले रूप से चर्चा करना महत्वपूर्ण है। मुझे भरोसा है कि इन बैठकों से सकारात्मक परिणाम निकलेगा। हमने सही शुरुआत की है।"

कुरैशी ने दोहराया के मुंबई पर 26/11 के हमले के बाद समग्र वार्ता स्थगित करने का भारत का फैसला गलत था।

उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान खुद आतंकवाद से पीड़ित है। "भारत-पाकिस्तान संबंधों में ठोस प्रगति हमारे हित में है और हम प्रगति करेंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+