हथियारों से लदे जहाज का रहस्य सुलझा (लीड-1)
नेपाली सेना के लिए कार्गो को उतारने के बाद अब यह जहाज कराची के लिए रवाना होगा।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों को न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मिशन के मूवमेंट कंट्रोल अधिकारियों की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें इस खेप की पुष्टि की गई है। इस खेप में रॉकेट लांचर, धुआ बम और विमान रोधी बंदूकों के अलावा अन्य आधुनिक हथियार और गोला-बारूद शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र कार्यालय से यह पत्र सीमा शुल्क अधिकारियों की ओर से मांगी गई जानकारी के बाद प्राप्त हुआ। सीमा शुल्क अधिकारी लाइबेरिया में पंजीकृत जहाज 'ऐगीन ग्लोरी' पर के बारे में विस्तृत जानकारी चाहते थे। इस जहाज को कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार अपराह्न् कोलकाता लाया गया था।
सीमा शुल्क विभाग के सूत्रों ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के पत्र में असुविधा के लिए भारतीय अधिकारियों से माफी भी मांगी गई है और इस बात को स्वीकार किया गया है कि चूंकि जहाज के पास उचित दस्तावेज नहीं थे, इस कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
सूत्रों ने कहा, "इस पत्र के बाद यह तय किया गया है कि जहाज की तलाशी नहीं ली जाएगी।"
ज्ञात हो कि हथियार और विस्फोटक ले जाने के लिए जरूरी कागजात नहीं दिखाने के कारण जहाज को शुक्रवार को हुगली में पकड़ा गया था।
इसके पहले पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भुपिंदर सिंह ने कहा था कि जहाज के कैप्टन से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारी कंटेनर के हथियारों और विस्फोटकों का मिलान करेंगे।
उन्होंने कहा, "राज्य खुफिया विभाग के अधिकारियों ने न्यूयार्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मिशन के मूवमेंट कंट्रोल अधिकारियों से संपर्क स्थापित किया।"
पुलिस प्रमुख ने कहा था, "यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो जहाज के मालिक और चालक दल के सदस्यों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने कहा था कि जहाज पर लदे हथियार 2003 में लाइबेरिया के गृह युद्ध में विभिन्न देशों की शांति सेना के उपयोग के लिए लाइबेरिया भेजा गया था, अब इन्हें भेजने वाले देशों को वापस किया जा रहा है।
इस जहाज पर मिलिट्री का माल 17 मई को लाइबेरिया के मोनरोविया बंदरगाह से लादा गया था 4 जून को यह जहाज मारीशस पहुंचा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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