आर कॉम के टॉवर उद्योग का जीटीएल इंफ्रा में विलय
आर कॉम ने एक बयान में कहा, "रिलायंस कम्युनिकेशन और इसकी सहयोगी कंपनी रिलायंस इंफ्राटेल जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आज 50,000 करोड़ रुपये (11 अरब डॉलर) के सौदे पर सहमत हुए हैं जिसके जरिए दुनिया की सबसे बड़ी स्वतंत्र दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का निर्माण किया जाएगा।"
सौदे में तय नकद हस्तांतरण अगले छह महीने में किया जाएगा। बयान में कहा गया कि नई कंपनी का स्वामित्व और नियंत्रण किसी भी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी के पास नहीं रहेगा। कंपनी ने कहा कि विलय के जरिए बनी नई कंपनी में आर कॉम के हितों का संरक्षण जरूरी समझौतों के जरिए किया जाएगा।
बयान में कहा गया कि इस सौदे से आर कॉम को अपने कर्ज चुकाने और वित्तीय मजबूती प्राप्त करने के लिए नकदी प्राप्त होगी।
कंपनी ने कहा, "आर कॉम के पूंजीकरण और आर कॉम एवं रिलायंस इंफ्राटेल के छोटे हिस्सेदारों को शेयरों के वितरण के संबंध में जानकारियां स्वतंत्र कीमत निर्धारणकर्ताओं और सलाहकारों के द्वारा रणनीति तय करने के बाद उपलब्ध कराई जाएंगी।"
बयान में कहा गया कि आर कॉम के पास रिलायंस इंफ्राटेल की दो लाख किलोमीटर लंबी फाइबर ऑप्टिक केबल का नेटवर्क बाकी रहेगा। नई कंपनी को बाजार में सूचीबद्ध कराया जाएगा जिसके शेयर दोनों कंपनियों के शेयर धारकों को वितरित किए जाएंगे।
विलय के बाद बनी कंपनी के पास 80 हजार टावर और 10 से ज्यादा दूरसंचार कंपनियों के साथ 1,25,000 से ज्यादा किराएदारी समझौते उपलब्ध होंगे।
बयान में कहा गया कि विलय के बाद बनी कंपनी को भविष्य में 2जी क्षेत्र की 14, 3जी क्षेत्र की नौ और बीडब्ल्यू क्षेत्र की आठ दूरसंचार कंपनियों से ज्यादा किराया मिलने की संभावना है, जिससे कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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