केरल कोका कोला से हर्जाना लेने की तैयारी में
राज्य सरकार के स्वामित्व वाले उपक्रम की एक नई इकाई के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा कि पल्लकड़ जिले के प्लचीमदा में कोका कोला ने फैक्टरी बंद कर लोगों और राज्य सरकार को धोखा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फैक्टरी को इसलिए मंजूरी दी गई थी ताकि कुछ रोजगार पैदा हो लेकिन कंपनी ने लोगों और सरकार दोनों को धोखा दिया।
उन्होंने कहा कि कंपनी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार एक न्यायाधिकरण बनाएगी।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव के.जयकुमार की अध्यक्षता में नौ सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति ने कंपनी द्वारा किए गए सामाजिक-आर्थिक नुकसान की कीमत 216.26 करोड़ रुपये तय की है।
फैक्टरी के समीप हुए नुकसान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे स्थान को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है और उसे मूल स्वरूप में लौटने में काफी लंबा समय लगेगा।
प्लचीमदा में कोका कोला का बटलिंग संयंत्र वर्ष 1999 में लगा था और वर्ष 2004 में इसे बंद कर दिया गया। संयंत्र का स्थानीय लोगों ने काफी विरोध किया था और इसके खिलाफ अदालतों में मामले भी चले थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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