जी-20 : प्रदर्शनकारियों ने मचाया उत्पात (लीड-1)
टोरंटो, 27 जून (आईएएनएस)। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के समूह जी-20 की शिखर बैठक की मेजबानी कर रहे कनाडा के सबसे बड़े शहर एवं देश की वित्तीय राजधानी टोरंटो में हजारों प्रदर्शनकारी हिंसा पर उतारू हो गए।
इस समय टोरंटो में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित दुनिया के कई प्रभावशाली देशों के नेता मौजूद हैं।
शिखर बैठक के विरोध में 10,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के चार वाहन फूंक डाले, अगले हिस्से तोड़ दिए, खिड़कियों के शीशों पर पुलिस विरोधी और जी-20 विरोधी नारे लिख दिए।
उपद्रवियों के उत्पात से शहर का पुलिस मुख्यालय भी अछूता न रहा। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
शिखर बैठक के दौरान शांति कायम करने के लिए योंग स्ट्रीट और उसके आसपास 19,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने के बावजूद यहां बैंक और प्रमुख दुकाने बंद रहीं।
टोरंटो के प्रसिद्ध मॉल टोरंट इटन सेंटर को सुरक्षा के लिहाज से बंद कर दिया गया। पुलिसकर्मी साइकिलों पर सवार होकर लोगों को दंगाइयों से सुरक्षित रहने की सलाह दे रहे थे। कई इमारतों से धूंआ उठते देखा गया।
पुलिस के अनुसार दंगा-फसाद करने के आरोप में 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
टोरंटो के पुलिस प्रमुख बिल ब्लेयर का कहना है, "ऐसा उत्पात और हिंसा न रोक पाना बेहद अफसोसजनक है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।"
टोरंटो के मेयर डेविड मिलर ने दंगाइयों को 'बदमाश' करार देते हुए कहा कि हजारों लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और बहुत छोटे, संभवत: कुछ सौ लोगों के गुट ने यह हंगामा किया। जानबूझकर हिंसा करने वाले ये लोग संभवत: टोरंटो के भी नहीं थे।
प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर के प्रवक्ता ने कहा कि यह हिंसा कनाडियाई जीवन शैली को नहीं दर्शाते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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