संदिग्ध नक्सली संगठन ने मायावती को दी धमकी
एक चर्चित हिंदी दैनिक के संपादकीय विभाग को शुक्रवार को एक पत्र प्राप्त हुआ। पत्र पर नक्सली नेता मुन्ना विश्वकर्मा का हस्ताक्षर है। विश्वकर्मा के ऊपर दो लाख रुपये का ईनाम घोषित है।
मुख्यमंत्री को संबोधित इस हस्तलिखित पत्र में मायावती से कहा गया है कि वह हर रोज सुबह जनता दरबार शुरू करें। इस परंपरा को मायावती और उनके पूर्ववर्ती मुलायम सिंह यादव ने बंद कर दिया था।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि "यदि आपने जनता दरबार का आयोजन शुरू नहीं किया, जहां दबी-कुचली जनता आपको सीधे अपनी व्यथा सुना सकती है, तो हम उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में विस्फोट के लिए बाध्य होंगे।"
पत्र में कहा गया है, "पहला हमला उन्नाव में करने की हमारी योजना है, उसके बाद कानपुर, लखनऊ और अन्य शहरों में।"
विश्वकर्मा राज्य के दक्षिणी हिस्से के नक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले का निवासी है। उसने लखनऊ से कोई 50 किलोमीटर दूर उन्नाव से इस पत्र को स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि ज्यादातर दलित और अन्य दबे-कुचले वर्ग के लोगों ने ही अन्याय से आजीज आकर नक्सलवाद का रास्ता चुना है।
पत्र को फर्जी करार देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने कहा है, "किसी दूसरे व्यक्ति ने अपने पत्र को तूल देने के लिए विश्वकर्मा के नाम का इस्तेमाल किया है। हमें विश्वास है कि विश्वकर्मा कहीं काफी दूर छिपा हुआ है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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