पंजाब में क्वीन्स बैटन का जोशीला सफर जारी
यह मशाल शुक्रवार को सुबह भारत-पाकिस्तान की अटारी सीमा से भारत पहुंची थी। यहां मशाल का स्वागत करने के लिए जाने माने खिलाड़ी राजनेता और दोनों देशों के लोग पहुंचे थे।
कारों और जीपों के बड़े काफिले के साथ यह मशाल एक खुले वाहन में शुक्रवार रात को अमृतसर पहुंची थी। अमृतसर-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग-एक पर लोगों ने मशाल का जोरदार स्वागत किया।
पूर्व खिलाड़ी 62 वर्षीय जरनैल सिंह ने कहा, "मैं सुबह नौ बजे से यहां मशाल पहुंचने का इंतजार कर रहा था, मैं यहां अपने दो नातियों को लेकर आया हूं, मैं चाहता हूं कि उन्हें भी राष्ट्रमंडल खेलों का महत्व पता चले।"
बैक कर्मचारी मयंक अग्रवाल ने कहा, "पूरे जालंधर में किसी शादी के जैसा माहौल है, मै बहुत खुश हूं और मुझे गर्व है कि यह मशाल यहां से गुजर रही है।"
रैली के जनसंपर्क का काम संभाल रहीं प्रिया सिंह पाल ने आईएएनएस से कहा, "पंजाब में मशाल के साथ टाटा मोटर्स द्वारा प्रायोजित कारों और जीपों का काफिला चल रहा है।"
अधिकारियों का कहना है कि क्वीन्स बैटन 3 जुलाई के तय समय से पहले 1 जुलाई को ही चण्डीगढ़ पहुंच जाएगी।
पुलिस अधीक्षक एच.एस.दून ने पत्रकारों से कहा, "मशाल 1 जुलाई को जम्मू से चण्डीगढ़ पहुंच जाएगी, यहां से यह तीन दिन बाद हिमाचल प्रदेश के ऊना जाएगी।"
भारत में होने जा रहे 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की मशाल 70 देशों में 1,70,000 किलोमीटर का सफर करके भारत पहुंची है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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