जी-20 : विश्व बैंक, आईएमएफ में बदलाव की तैयारी
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार एक मसौदा दस्तावेज में यह कहा गया है। परंतु जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने कहा कि उनको बैंक के जोखिम पर वैश्विक लेवी और वित्तीय लेनदेन पर कर लगाने के यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रस्ताव के मंजूर होने की उम्मीद नहीं है।
शिखर सम्मेलन के बयान के मसौदे में कहा गया कि जी-20 समूह के नेता सहमत हैं कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं में प्रमुखों की नियुक्ति उनकी नागरिकता का ध्यान रखे बिना होनी चाहिए।
जी-20 नेताओं को अभी दस्तावेज का अनुमोदन करना है।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित दोनों संस्थाओं में आमतौर पर विश्व बैंक का अध्यक्ष अमेरिकी और आईएमएफ का अध्यक्ष यूरोपीय होता है। परंतु ब्राजील, चीन और भारत जैसी नई संस्थाओं के उदय ने व्यवस्था में बदलाव की वकालत शुरू की है।
जी-20 खुद इस बदलाव का हिस्सा बन रहा है। नवंबर 2008 के बाद के पहले शिखर सम्मेलन के बाद से विकसित और विकासशील देशों का यह समूह दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय संस्था के रूप में उभरा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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