भारत-पाक के बीच वार्ता जारी रखने पर सहमति (राउंडअप)
पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर से वार्ता के बाद विदेश सचिव निरुपमा राव ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमारा मानना है कि वार्ता आगे बढ़ने का सबसे बेहतर रास्ता है।"
दोनों विदेश सचिवों ने स्पष्ट संकेत किया कि उनकी वार्ता आने वाले महीनों में भारत और पाकिस्तान के बीच नजदीकी वार्ता की शुरुआत है। राव ने कहा कि वार्ता के दौरान व्यापक, स्थिर और अर्थपूर्ण संवाद के लिए विश्वास और भरोसा बहाल करने के उपायों को स्वीकार किया गया।
बहरहाल उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि यह मुंबई पर नवंबर 2008 के आतंकवादी हमले के बाद स्थगित समग्र वार्ता की बहाली है। राव ने कहा, "आपको वार्ता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो संबंध सुधार का सबसे बेहतर विकल्प है। यह नामकरण का कोई मुद्दा नहीं है।"
राव ने कहा कि भारत की प्रमुख चिंता आतंकवाद पर वार्ता में चर्चा हुई और भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की धरती का उपयोग नहीं करने देने के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के वादे की याद दिलाई गई।
राव ने कहा कि दोनों पक्ष इन खतरों और बुराइयों के खिलाफ एक साथ काम करेंगे। भारत और पाकिस्तान ने आतंकवादी तत्वों को सुधरते संबंधों को पटरी से उतारने का कोई अवसर नहीं देने के लिए आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
राव ने कहा, "हमें आतंकवादी तत्वों को संबंधों में सुधार की संभावनाओं को चोट पहुंचाने का कोई मौका नहीं देना चाहिए।"
इस अवसर पर पाकिस्तानी विदेश सचिव ने कहा कि कुल मिलाकर यह एक सर्वाधिक उपयोगी बैठक थी और विश्वास जताया कि अगले महीने पाकिस्तान और भारत के विदेश मंत्रियों की बैठक में अच्छा परिणाम सामने आएगा।
बशीर ने कहा, "मंत्रिस्तरीय वार्ता के अच्छे नतीजों को लेकर मैं बहुत आशान्वित हूं।"
उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर यह बैठक बहुत उपयोगी रही। आपसी समझ के लिए यह प्रयास बहुत अच्छा रहा। हमें आगे बढ़ने की जरूरत है।"
केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम और पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री रहमान मलिक के बीच शनिवार को भेंट होगी। इस बैठक में आतंकवाद के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।
बशीर और राव ने विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच 15 जुलाई को होने वाली बैठक का एजेंडा तय करने के लिए आतंकवाद और जम्मू एवं कश्मीर सहित व्यापक द्विपक्षीय मुद्दों पर वार्ता की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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