'जेट लैग' समस्या पर नई खोज
व्यक्ति के आंतरिक शरीर चक्र और बाह्य समय के बीच तालमेल न बन पाने की स्थिति में ये लक्षण उभरते हैं।
जर्मनी के मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट फॉर बॉयोफिजिकल कैमिस्ट्री के ग्रेगर ईचेले और उनके सहयोगियों ने इस दिशा में एक नई खोज की है। उनके अनुसार आंतरिक चक्र को दोबारा ठीक करने के लिए आणविक तंत्र जिम्मेदार है।
इनके अवलोकन से यह संकेत मिलता है कि गति में बदलाव के साथ अधिवृक्क ग्रंथि हार्मोस उत्पादन में बदलाव लाती है जिसके जरिये संपूर्ण आंतरिक शारीरिक चक्र के दोबारा ठीक होने को नियंत्रित किया जाता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि उनके निष्कर्ष जेट लैग के नए संभावित उपचारों में मददगार हैं।
नॉर्थम्पटन के स्मिथ कॉलेज की मैरी हैरिंगटन का मानना है कि इन निष्कर्षो को न सिर्फ जेट लैग से प्रभावित लोगों बल्कि बदलती हुई पालियों में काम करने वाले लोगों पर भी लागू किया जा सकता है क्योंकि इनकी वजह से ब्रेस्ट कैंसर, आघात और हृदय संबंधी गंभीर रोगों का खतरा बना रहता है।
इस शोध को क्लीनिकल इंवेस्टीगेशन नामक जर्नल में शामिल किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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