कर्नाटक के लोकायुक्त का इस्तीफ़ा
माइनिंग
लॉबी और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ खड़े रहे कर्नाटक के लोकायुक्त न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े ने बुधवार को अचानक ही अपने पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा कर दी.उन्होंने कर्नाटक की भाजपा सरकार पर लोकायुक्त संस्था की उपेक्षा का आरोप लगाया है.राज्यपाल एचआर भारद्वाज को अपना इस्तीफ़ा सौंपने के बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हेगड़े ने कहा, "मैंने सरकार से अनुरोध किया है कि मुझे 31 अगस्त के बाद कार्यमुक्त कर दिया जाए. मुझे इस्तीफ़ा देने का कोई अफ़सोस नहीं है." id="toptextpromo">उन्होंने
कहा, "मैं यह ब्लैकमेल करने के लिए नहीं कर रहा हूँ और इस्तीफ़ा देने का मेरा फ़ैसला अंतिम है."चार साल तक लोकायुक्त का काम संभालने के बाद न्यायमूर्ति हेगड़े का इस्तीफ़ा ऐसे समय में आया है जब येदुरप्पा सरकार अपने दो साल पूरे होने पर 25 जून को एक भव्य समारोह की तैयारी कर रही है.लोकायुक्त के रुप में न्यायमूर्ति हेगड़े ने अवैध खनन या माइनिंग के ख़िलाफ़ जो रुख़ अपनाया उससे कई बार सरकार की किरकिरी हुई. id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उन्होंने
सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार लोकायुक्त के निर्णयों और उसकी सिफ़ारिशों को जिस तरह से नज़र अंदाज़ करती रही है उसमें उन्हें पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं दिखता.उन्होंने एक सवाल के जवाब में इस बात से इनकार किया कि वे उस ख़बर के बाद इस्तीफ़ा दे रहे हैं जिसमें कहा गया है कि उनके ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है.











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