सरकार ने यूजीसी से चिंतामुक्त रहने को कहा
प्रस्तावित राष्ट्रीय आयोग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) और अन्य दर्जनों नियामकों की जगह लेगा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "यूजीसी और एआईसीटीई दोनों संस्थाओं के अधिकारियों को नए निकाय में शामिल किया जाएगा।"
सूत्र के अनुसार, "दोनों मौजूदा निकायों के कामकाज को एक साल तक पहले की तरह चलने देने की योजना है।"
विभिन्न विषयों के उच्च शिक्षा नियामकों में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ इंडिया शामिल हैं जिनका संचालन क्रमश : स्वास्थ्य एवं कानून मंत्रालय के माध्यम से होता है।
प्रस्तावित आयोग का मसौदा पिछले सप्ताह केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड के सामने रखा गया। संसद के शीतकालीन सत्र में इसे सदन में रखा जाएगा। लेकिन यूजीसी और एआईसीटीई के अधिकारी इससे खुश नहीं हैं।
यूजीसी के एक अधिकारी ने कहा, "यह बहुत स्पष्ट नहीं है कि अंतत : क्या होगा।" एआईसीटीई के एक अधिकारी का कहना है, "यदि हमें नए निकाय में शामिल किया जाता है तो नए सिरे से हमारी शुरुआत होगी और वरिष्ठता को दरकिनार कर दिया जाएगा।"
उधर, स्वास्थ्य एवं कानून मंत्रालय भी नए निकाय में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को मिलाने का कड़ा विरोध कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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