श्रीनगर में जनजीवन अस्त-व्यस्त
श्रीनगर, 21 जून (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में एक व्यक्ति की मौत पर हुई व्यापक झड़पों के एक दिन बाद, सोमवार को अलगाववादियों द्वारा किए गए बंद के आह्वान और प्रशासन द्वारा लगाई गई कर्फ्यू जैसी रोक-टोक से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
श्रीनगर के पुराने हिस्से के पांच थाना क्षेत्रों में लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। रविवार को यहां भड़की हिंसा की वजह से श्रीनगर में तनाव बना रहा था।
पुलिस ने बताया कि रैनावाड़ी, नौहाटा, एम.आर.गंज, खानयार और साफा कदल में लोगों या वाहनों को गुजरने की इजाजत नहीं दी जा रही।
रविवार को 27 वर्षीय जावेद अहमद की सुरक्षा बलों की गोलीमारी में मौत हो जाने के बाद यहां हिंसा भड़क उठी थी। पुलिस ने बनियार इलाके में अर्धसैनिक बलों की चौकी पर हमला कर रही भीड़ पर काबू पाने के लिए गोलीबारी की थी। इस गोलीबारी में चार लोग घायल भी हुए थे।
हुर्रियत कांफं्रेस के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली गिलानी, उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने इस हत्या के विरोध में सोमवार को घाटी में बंद का आह्वान किया है।
प्रशासन के प्रतिबंध के साथ-साथ अलगाववादियों के बंद के आह्वान की वजह से शहर में जनजीवन अस्तव्यस्त है।
शैक्षिक संस्थान, बैंक और बाजार बंद रहे और सार्वजनिक वाहन नहीं चले।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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