श्रीलंका का मुख्य विपक्षी दल संवैधानिक सुधारों के खिलाफ
कोलंबो, 21 जून (आईएएनएस)। श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल, युनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) ने सोमवार को कहा है कि वह देश के संविधान में परिवर्तन के प्रस्तावित कदम का विरोध करेगी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने खबर दी है कि यूएनपी के प्रवक्ता जयंथा करुणातिलके ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार अलोकतांत्रिक रास्ते पर जा रही है और विपक्षी पार्टियां सुधार प्रक्रिया का विरोध करेंगी।
जिन मुख्य बदलावों के बारे में चर्चा हो रही है, उनमें राष्ट्रपति को तीसरे कार्यकाल की अनुमति प्रदान करना शामिल है। वर्ष 1978 में स्वीकृत वर्तमान संविधान में किसी राष्ट्रपति के लिए केवल दो कार्यकाल की ही अनुमति है।
राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे तमिल विद्रोहियों के खिलाफ सफल सैन्य कार्रवाई के बल पर तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के बारे में सोच रहे हैं।
इस महीने के प्रारंभ में कैबिनेट ने संविधान परिवर्तन के कदम को मंजूरी दे दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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