सीईओ फोरम में व्यापार-निवेश से जुड़े मुद्दे होंगे प्रमुख
वाशिंगटन, 21 जून (आईएएनएस)। व्यापारिक रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए मंगलवार को भारत और अमेरिका के नीति निर्माताओं और व्यापारियों की होने वाली बैठक में व्यापार और निवेश संबंधी मुद्दे प्रमुख होंगे।
भारत-अमेरिका सीईओ फोरम की बैठक में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा के अलावा योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया शामिल हैं।
प्रवास के दौरान अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर से मुखर्जी द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
सीईओ फोरम में दोनों देशों के 12-12 सीईओ शामिल हैं। भारतीय पक्ष से रतन टाटा और अमेरिका की ओर से हनीवेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड एम. कोट फोरम की बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे।
सीईओ के भारतीय दल में रतन टाटा के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी, इंफोसिस के एस. गोपालकृष्णन, भारती समूह के सुनील मित्तल, आईसीआईसीआई की चंदा कोचर और एचडीएफसी के दीपक पारेख शामिल हैं। अमेरिकी दल में पेप्सिको की इंद्रा नूयी, सिटी समूह के विक्रम पंडित, जेपी मोर्गन चेस के जैमी डिमॉन, यूनाइटेड टेक्नोलॉजीज कारपोरेशन के लुइस चेनेवर्ट और मैक ग्रा हिल कंपनीज के टेरी मैग्रा शामिल हैं।
फोरम ने वार्ता के लिए छह क्षेत्रों की पहचान की है। ये छह मुद्दे हैं- व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन, आधारभूत संरचना विकास कोष की स्थापना, कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी का विनिमय, बायो टेक्नोलॉजी और नैनो टेक्नोलॉजी, कौशल विकास में साझेदारी, औद्योगिक शोध व विकास के लिए एक भारतीय-अमेरिकी केंद्र की स्थापना और विवाद निस्तारण तंत्र की स्थापना।
इस फोरम की स्थापना पहली बार जुलाई 2005 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने की थी।
राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में मनमोहन की पहली यात्रा के दौरान पिछले नवंबर में इस फोरम का पुनर्गठन किया गया था। इसकी पहली बैठक वाशिंगटन में हुई थी। यह इसकी दूसरी बैठक होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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