'हाथी गांव को अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दी जाएगी'
काक शनिवार को आमेर विकास एवं प्रबन्धन प्राधिकरण एवं र्पयटन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जयपुर-दिल्ली बाईपास पर कुण्डा गांव के पास हाथी गांव परियोजना के प्रथम चरण के लोर्कापण अवसर पर आयोजित सामारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि बहुत वर्षों के इंतजार के बाद हाथी मालिकों का सपना पूरा हुआ है तथा हाथी का उसके चमन के अन्दर संजोये हुए घर में प्रवेश हुआ है। इस परियोजना के प्रथम चरण में निíमत 51 हाथी ठाणों में 32 को पट्टे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पट्टेदार बिजली -पानी के व्यक्तिगत कनेक्शन लेकर जल्दी ही बसावट कर इस स्थान को सुरम्य वातावरण में तब्दील करें।
पर्यटन मंत्नी ने कहा कि मानसून पूर्व हाथी गांव परियोजना के लोकार्पण से मानसून के दौरान होने वाली वर्षा में तालाब के अंदर हाथी कलरव कर सके, आनंद पूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें।
काक ने कहा कि हमारी सोच है कि द्वितीय चरण के लिए शेष बची जमीन पर र्पयटकों के लिए होटल या रेा, कॉटेज और बाग-बगीचे एवं घाट भी बनाए जाएं। जिससे पर्यटकों का मनोरंजन हो सके तथा हाथियों की अठखेलियों का भी लुत्फ उठा सकें एवं शोधर्काय में रूचि रखने वालों को हाथियों, महावतों एवं उनके परिवारों की जीवनर्चया के बारे में जानकारी मिल सके।
उन्होंने हाथी मालिकों से कहा कि अंधे हाथियों को काम पर लगाने के लिए मेरा दिल अनुमति नहीं देता है। उन्होंने कहा कि वे इन्हें कमाई का जरिया न समझें, अपाहिज व बीमार हाथियों की उचित देखभाल करें। इसके लिए हर सम्भव मदद की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आमेर एक पर्यटक स्थल है जहां प्रति वर्ष 20 लाख पर्यटक आते हैं। अब हाथी गांव परियोजना के र्निमाण से आय में भी बढ़ोत्तरी होगी । उन्होंने परियोजना क्षेत्न में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, सौन्र्दयकरण के लिए सांसद निधि से राशि देने का वायदा किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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