'उच्च शिक्षा के सभी संकायों का समान विकास हो'
जितेन्द्र सिंह शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने उच्च शिक्षा एवं सम्बद्घ विषयों को एक ही छत के नीचे लाने के प्रस्ताव पर राय दी कि उच्च शिक्षा के साथ ही मेडिकल और तकनीकी शिक्षा तथा अन्य सम्बद्घ विषयों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि इन तीनों शाखाओं की विशेषज्ञता बनी रहने के साथ ही इनका स्वतंत्र स्वरूप एवं विकास हो सके।
सिंह ने सुझाव दिया कि उच्च शिक्षा के लिए एक ही 'रेग्यूलेटरी बॉडी' और 'कॉर्डिनेशन कमेटी' बनाकर बिल को तीन पार्ट्स में विभक्त कर पारित करवाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सही है कि मेडिकल साइंस में भी इन दिनों इजीनियरिंग तकनीक, कानूनी पहलू, प्रबंधन आदि का समावेश हो रहा है, लेकिन साथ ही यह पक्ष भी है कि उच्च शिक्षा, मेडिकल एवं तकनीकी शिक्षा के अलग-अलग पहलू और विशेषज्ञता है, जिन्हें स्वतंत्र रूप से विकसित करना भी इतना ही जरूरी है। इस दृष्टि से वर्तमान बिल की पुर्नसमीक्षा की जानी चाहिए, ताकि उच्च शिक्षा के सभी संकायों का समान रूप से विकास हो सके।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में चार सरकारी और 18 निजी विश्वविद्यालय हैं। प्रदेश में 30 और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव विचाराधीन अथवा प्रक्रियारत हैं। उन्होंने राजस्थान में उच्च शिक्षा के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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