लालगढ़ में नक्सलियों का संहार अभियान तेज हुआ
लालगढ़। पश्चिम बंगाल में नक्सलियों के गढ़ समझे जाने वाले लालगढ़ में पुलिस का अभियान तेज हो गया है। पिछले दिनों रांझा के जंगलों के पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग निकले थे। इस दौरान आठ नक्सली मारे भी गए थे। इस बीच नक्सलियों ने स्वीकार किया है कि मारे गए लोगों में पांच पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के सदस्य हैं।
राज्य के पुलिस महानिदेशक ने बताया "नक्सलियों के रांझा के जंगलों से भागने के बाद हमें उनके यहां-वहां छुपे होने की खबर मिल रही है। हमारा तलाशी अभियान जारी है।" पुलिस ने बुधवार को दुली गांव में नक्सलियों पर धावा बोल दिया और छह घंटे तक चली मुठभेड़ में आठ को मार गिराया। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी बरामद किए। पुलिस उपाधीक्षक अनीष सरकार ने बताया, "हमें ऐसी सूचना मिल रही है और भी बहुत से नक्सली मारे गए हैं। बगैर जांच किए हम आपको मारे गए नक्सलियों का आंकड़ा नहीं दे सकते।"
दूसरी ओर जानकारी मिली है कि दुली गांव के मुख्य द्वार पर पुलिस संत्रास विरोधी जनसाधारण कमिटी (पीसीएपीए) ने एक बैनर टांग रखा है जिसमें माकपा को 'गुंडा' बताया गया है कि हत्याओं के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को जिम्मेदार ठहराया गया है। एके 47 राइफलों की बरामदगी की वजह से पुलिस को संदेह है कि इलाके में कोई बड़ा नक्सली नेता मौजूद है। मालूम हो कि पश्चिमी मिदनापुर के अलावा पश्चिम बंगाल का पुरूलिया और बांकुड़ा जिला भी नक्सलवाद प्रभावित है।












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