किर्गिस्तान नस्ली हिंसा में 170 की मौत (लीड-1)
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने नागर विमानन प्रमुख एलेक्जेंडर नास्तेव के हवाले से बताया कि पिछले दो दिनों के भीतर 1,550 वयस्कों और 700 बच्चों को देश से बाहर भेजा गया है।
नास्तेव ने कहा, "कल हमने तुर्की, पाकिस्तान व तुर्कमेनिस्तान निवासी 580 विदेशी नागरिकों को उनके घर भेज दिया है।"
गुरुवार से भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार ने कहा कि किर्गिज और उज्बेकों के बीच हुई झड़प में घायल 826 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ये लोग देश के दूसरे बड़े शहर ओश और अन्य दक्षिणी शहर जलालाबाद से आए हैं।
बढ़ते तनाव के कारण उज्बेक नस्ल के हजारों लोग सीमा पार कर उज्बेकिस्तान पलायन कर गए हैं। उनकी कारों, भंडार, बाजारों को लूटा गया और ध्वस्त कर दिया गया है। कई दुकानों फूंक दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बीते सोमवार को आपातकालीन बैठक बुलाकर आग्रह किया था कि खून-खराबा बंद किया जाए और मानवतावादियों को प्रभावित लोगों के बीच जाकर उन्हें समझाना चाहिए।
इस बीच, सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) ने किर्गिस्तान की कानून-प्रवर्तन एजेंसी को आपातकालीन सहायता भेजने का ऐलान किया है।
सीएसटीओ के महासचिव निकोलाई बोरदुज्हा ने कहा, "उनके पास आज काफी ताकत है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में उपकरण, हेलीकॉप्टर, सड़क परिवहन के साधन, सैन्य तंत्र, गैसोलाइन, तेल और लुब्रिकेंट नहीं हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications