सोरेन को राहत, हत्या के तीसरे मामले में भी बरी (लीड-1)
रांची, 15 जून (आईएएनएस)। झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को 1974 के कुडको हत्याकांड मामले में मंगलवार को बरी कर दिया गया। हत्या का यह तीसरा मामला है, जिसमें सोरेन को अदालत से राहत मिली है। इससे पहले दो अन्य आरोपों में उन्हें पहले ही बरी किया जा चुका है।
पिछले 36 वर्षो से कानूनी लड़ाई लड़ रहे सोरेन के लिए आज का फैसला बहुत राहत वाला है।
गिरीडीह जिले की एक त्वरित अदालत ने सबूतों के अभाव में 1974 के कुडको दोहरे हत्याकांड मामले में सोरेन को बरी कर दिया।
दो बकरों की हत्या को लेकर उपजे विवाद के मुद्दे पर चुंडी सिंह और खिरोधर सिंह की हत्या कर दी गई थी। सोरेन में दोनों की हत्या के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप था।
यह घटना गिरीडिह जिले के कुडको गांव की थी। इस मामले में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था और वर्ष 1978 में आरोप पत्र दायर किया गया था। 1986 में आठ आरोपियों को बरी कर दिया गया था जबकि एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।
न्यायमूर्ति मोहम्मद कासिम की अगुवाई वाली एक त्वरित अदालत ने यह फैसला सुनाया। सोरेन के वकील की दलील सुनने के बाद अदालत ने गत तीन जून को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
गत 17 अप्रैल को ही इस मामले पर फैसला आना था लेकिन जिला न्यायाधीश एन.एन. सिंह द्वारा खुद को इस मामले से अलग कर लिए जाने के बाद इसे त्वरित अदालत के सुपुर्द कर दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में उन्हें चिरूडीह हत्याकांड मामले में उन्हें बरी कर दिया गया था। इस मामले में नौ मुसलमानों सहित 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में भी सोरेन पर 11 लोगों की हत्या के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप था। सबूतों के अभाव में उन्हें इस मामले में बरी किया गया था।
शिबू पर अपने निजी सचिव शशिनाथ झा की हत्या का भी आरोप था। वर्ष 2006 में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की केंद्रीय समिति के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "लंबे अरसे बाद सोरेन के साथ न्याय हुआ। वह झारखण्ड आंदोलन में थे और इसलिए उन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया था। वह प्रदेश के एकमात्र नेता हैं जिन्होंने अलग राज्य की लड़ाई लड़ी थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications