शादी के लिए अंग्रेज़ी जानना ज़रूरी

ब्रिटिश सरकार इसके लिए एक नया क़ानून ला रही है.प्रस्तावित का़नून समलैंगिक जोड़ों और मंगेतरो पर भी लागू होगा.लेकिन इस क़ानून के दायरे में सिर्फ़ यूरोपीय संघ के बाहर के आप्रवासी शामिल होंगे.
इस क़ानून का प्रस्ताव पहली बार लेबर सरकार ने 2007 में रखा था.लेबर सरकार अगले वर्ष यानी जुलाई, 2011 में इस क़ानून को लाने वाली थी.लेकिन पिछले महीने हुए चुनाव में लेबर सरकार हार गई और फिर कंज़रवेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट्स की गठबंधन सरकार बनी.
नया क़ानून
नई सरकार प्रस्तावित क़ानून को इसी साल लाना चाहती है.ब्रिटेन के वीज़ा का आवेदन करने वालों को इस बात का सबूत देना होगा कि उन्हें अंग्रेज़ी भाषा की बुनियादी जानकारी है. ऐसा इसलिए ताकि ब्रिटेन में रोज़मर्रा की ज़िंदगी में उन्हें कोई दिक़्कत न हो.
फ़िलहाल ब्रिटेन में रह रहे आप्रवासियों को सिर्फ़ शादी का सबूत देना पड़ता है और ये दिखाना पड़ता है कि वे अपने पति, पत्नी अथवा साथ में रह रहे साथी की आर्थिक मदद में समक्ष हैं.
पिछले साल यूरोपीय संघ के बाहर के 59 हज़ार लोगों ने अपने ब्रिटिश साथी से मिलने के लिए वीज़ा का आवेदन किया था. अधिकारियों का मानना है कि नए क़ानून से वीज़ा पाने वालों की संख्या में 10 प्रतिशत की कमी आएगी.
लेकिन आप्रवासियों के लिए काम कर रहे संगठनों का कहना है कि नए क़ानून से दक्षिण एशियाई देश और अफ़्रीक़ा के कुछ देशों के लोग प्रभावित होंगे.












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