तमिलों का सार्थक पुनर्वास करे श्रीलंका: प्रधानमंत्री
विदेश सचिव निरुपमा राव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और राजपक्षे के बीच हुई बातचीत में भारत ने विस्थापित तमिलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए तमिल मुद्दों के राजनीतिक समाधान पर जोर दिया।
वार्ता के दौरान मनमोहन सिंह ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति को पिछले साल मई में समाप्त हुए युद्ध के बाद इस समय को क्षेत्र में मैत्री का एक ऐतिहासिक मौका बताया है।
राव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास के लिए तेजी से कार्रवाई करने पर जोर दिया।
श्रीलंकाई सरकार के मुताबिक करीब 50,000 विस्थापित तमिल अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं जबकि श्रीलंका में युद्ध समाप्त हुए एक साल पूरा हो चुका है।
श्रीलंकाई सरकार ने युद्ध की समाप्ति के बाद सभी तीन लाख विस्थापितों का पुनर्वास छह महीने में पूरा करने का वादा किया था।
राजपक्षे ने कहा कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों की मांगों के संबंध में राजनीतिक समझौते के लिए तेजी से कदम उठा रही है।
राजपक्षे चार दिवसीय भारत यात्रा पर मंगलवार शाम को नई दिल्ली पहुंचे। जनवरी में श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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