भोपाल गैस त्रासदी: अमेरिका का नई जांच से इंकार
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 8 जून (आईएएनएस)। भोपाल गैस त्रासदी के संदर्भ में अदालती फैसला आने के बाद अमेरिका ने यूनियन कार्बाइड के खिलाफ नए सिरे से जांच आरंभ करने की संभावना से इंकार किया है।
इस त्रासदी के सिलसिले में सोमवार को भोपाल की अदालत ने सभी दोषियों को महज दो-दो साल की सजा सुनाई। वर्ष 1984 में यूनियन कार्बाइड के संयंत्र से जहरीली गैस के रिसाव से हजारों लोग मारे गए थे।
अमेरिका के दक्षिण एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लैक ने सोमवार को कहा, "निश्चित तौर पर यह घटना मानव इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों और हादसों में से एक थी। परंतु मैं यह नही मानता कि अदालत का फैसला फिर जांच आरंभ करने या ऐसे किसी कदम के लिए आया है।"
भारत की ओर से यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन प्रमुख वारेन एंडरसन के प्रत्यर्पण की मांग उठने की संभावना पर उन्होंने टिप्पणी करने से इंकार किया। उन्होंने कहा, "यह नीतिगत मामला है। हम प्रत्यर्पण के बारे में इस तरह कभी चर्चा नहीं करते।"
उल्लेखनीय है कि एंडरसन इस मामले का आरोपी था लेकिन फैसले में उसका नाम नहीं आया। भोपाल की अदालत ने उसे भगौड़ा करार दिया था। फिलहाल पर न्यूयार्क के एक उपनगरीय इलाके में रहता है।
उधर, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी. जे. क्राउली ने आशा जताई कि यह भयावह त्रासदी भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों के विस्तार में अवरोधक नहीं बनेगी।
क्राउली ने कहा, "हमारी अर्थव्यवस्थाएं तेजी से एक दूसरे से जुड़ रही हैं। ऐसे में मैं आशा करूंगा कि यह मामला दोनों देशों के मध्य हो रहे आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों के विस्तार में बाधा न बने।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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