पाकिस्तान लौटने की फिराक में है लश्कर कमांडर
श्रीनगर, 8 जून (आईएएनएस)। आतंकवादी संगठन लश्कर-ए तैयबा का स्वयंभू कमांडर अब्दुल्ला ओनी भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा सीमा-पार के आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज किए जाने के बाद से घाटी से भागने की जी-जान से कोशिश कर रहा है। ये संकेत कश्मीर में सक्रिय आतंकवादियों और उनके पाकिस्तानी आकाओं के बीच होने वाले वायरलैस संपर्क से मिले हैं।
कश्मीर में आतंकवाद के दोबारा सिर उठाने के लिए जिम्मेदार समझे जाने वाला ओनी पिछले छह महीनों में कम से कम छह बार पुलिस और सुरक्षाबलों के घेरे से बच निकलने में कामयाब रहा है।
उसके वायरलैस संदेश पकड़ने वाले अधिकारियों ने बताया कि लश्कर, हिजबुल मुजाहिदीन और हरकत-उल-मुजाहिदीन के संयुक्त आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता ओनी सीमा पार बैठे अपने आकाओं से मिन्नत कर रहा है कि वे उसे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लौटने की इजाजत दें, क्योंकि यह जगह उसके लिए असुरक्षित बनती जा रही है।
एक अधिकारी ने बताया, "हमने उनके संदेश पकड़े हैं और वे हताशा में आकर अपने आकाओं से मिन्नत कर रहे हैं कि वे सुरक्षित लौट जाना चाहते हैं। ओनी हताश होकर यहां से निकल भागने की फिराक में है।"
ओनी की इस हताश की वजह भारतीय सुरक्षा बल है जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में घाटी के बहुत से आतंकवादियों को मार गिराया है। इनमें दो ओनी के बेहद करीबी नेटवर्क से ताल्लुक रखते थे। ये हिजबुल मुजाहिदीन के डिविजनल कमांडर लतीफ दीदार और और बटालियन कमांडर रफीक अहमद गुजरी थे।
ओनी यहां से सुरक्षित बच निकलने की फिराक में है। अधिकारी ने बताया, "दो कमांडरों-फरकान और अब्दुल्ला ओनी के अलावा लश्कर के करीब-करीब सभी कमांडर मारे जा चुके हैं। यह जगह उनके लिए सुरक्षित नहीं रही।"
वर्ष 2008 में हाफिज नासिर के मारे जाने के बाद कश्मीर में लश्कर की कमान थामने वाला पाकिस्तानी नागरिक उत्तरी कश्मीर में मुठभेड़ में मारा गया।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कश्मीर में विशेषकर उत्तरी हिस्से में आतंकवाद को दोबारा सक्रिय कराने में उसकी भूमिका रही है, जहां उसने युवकों को जेहाद के लिए उकसाने के साथ-साथ गुटों को फिर से संगठित किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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