भारत-बांग्लादेश सीमा वार्ता अगले महीने
मीडिया की एक रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि दोनों पक्ष विभिन्न फैसलों को लागू करने तथा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा व्यक्त प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ये प्रतिबद्धताएं हसीना की गत जनवरी महीने की भारत यात्रा के दौरान व्यक्त की गई थीं।
दोनों पक्षों ने 1947 में ब्रिटेन द्वारा बंटवारे के दौरान भारत और पूर्व पाकिस्तान के बीच किए गए सीमांकन की वजह बनी 115 बस्तियों पर भी काम करने का फैसला किया है। यह बंटवारा हिंदू-मुस्लिम के आधार पर किया गया था। लेकिन इन बस्तियों में हालात उलट माने जाते हैं। यहां मुस्लिम बहुल बस्तियां भारत और हिंदू बहुल बस्तियां बांग्लादेश में हैं।
दोनों देशों के बीच 4098 किलोमीटर लंबी सरहद है। दोनों पक्ष 1974 के भूमि सीमा समझौते के तहत सीमा विवाद सुलझाने के पक्ष में हैं। इस समझौते पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तथा बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर्रहमान ने दस्तखत किए थे।
भारत के गृह सचिव जी.के.पिल्लै ने नई दिल्ली में शुक्रवार को कहा था कि संयुक्त सीमा समूह की बैठक जुलाई या अगस्त में होगी। जबकि बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि वे बैठक काफी पहले बुलाने के इच्छुक हैं।
पिल्लै ने कहा कि विदेश और गृहमंत्रालय के अधिकारियों को उम्मीद है कि संयुक्त सीमा कायसमूह इस मसले को सुलझा लेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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