प्रधानमंत्री करेंगे कश्मीर दौरा, अलगाववादियों से वार्ता की उम्मीद
प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सिंह सोमवार को प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वार्षिक समारोह को संबोधित करेंगे।
पिछले वर्ष दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद मनमोहन सिंह की यह दूसरी कश्मीर यात्रा होगी। केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री गुलाम नबी आजाद व नवीकरण ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला भी उनके साथ जाएंगे। ये दोनों राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
कश्मीर की वादियों की यात्रा पर जा रहे उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री राज्य में कार्यरत पांच समूहों के सुझावोंको अमल में लाने पर चर्चा करेंगे। इन समूहों का गठन उन लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है जो विगत 20 वर्षो से अलगाववादियों के खूनी हमले झेलते रहे हैं।
इन समूहों का गठन वर्ष 2006 में गोलमेज सम्मेलन के बाद राज्य के राजनीतिक व आर्थिक विकास की दृष्टि से किया गया था।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री भारत-पाकिस्तान शांतिवार्ता के आसार के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं को फिर से वार्ता का प्रस्ताव दे सकते हैं।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने इससे पहले भी कुछ हुर्रियत नेताओं को वार्ता का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अलगाववादियों ने उसे ठुकरा दिया था।
प्रधानमंत्री के समक्ष फर्जी मुठभेड़ में मारे गए तीन सामान्य नागरिकों का मुद्दा भी उठाए जाने की संभावना है। मनमोहन सिंह के दौरे से एक दिन पहले इस सिलसिले में सेना के दो अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे। सीमापार से घुसपैठ की बढ़ती वारदात की समस्या पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षाबलों के साथ भी बैठक कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री मंगलवार को दिल्ली वापस लौट आएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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