पासपोर्ट सॉफ्टवेयर में हैकिंग मामले में 7 गिरफ्तार
पुलिस आयुक्त ए.के. खान ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, इनमें पासपोर्ट एजेंट भी शामिल हैं। खान ने बताया कि रैकेट में शामिल दो अन्य लोगों की तलाश जारी है।
एक सप्ताह पहले ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में हैकिंग करने वाले आरोपी ने पासपोर्ट आवेदकों के पंजीकरण के लिए इसका इस्तेमाल किया था।
पासपोर्ट अधिकारियों को कुछ एजेंट्स पर शक था और उन्होंने पुलिस को इस संबंध में सूचना दी थी।
पुलिस आयुक्त के कार्य बल ने मामले की जांच की। पुलिस ने मुख्य आरोपी लताधर राव को गुंटूर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से कई कम्प्यूटर्स और हार्ड डिस्क बरामद हुए हैं।
पुलिस प्रमुख ने बताया कि वे अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रहे हैं।
पुलिस आयुक्त के साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक विशेष पुलिस स्टेशन स्थापित करने की घोषणा के एक दिन बाद इस गैंग का पर्दाफाश हुआ है।
यहां पासपोर्ट कार्यालय में करीब 100,000 आवेदन लंबित पड़े हैं। कर्मचारियों और एजेंट्स के बीच कथित मिलीभगत और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पासपोर्ट बनने में देरी हो रही है।
पिछले महीने पासपोर्ट कार्यालय ने 96 एजेंट्स को पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण-पत्र और उनके द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाओं के लिए अधिकृत किया था।
प्रत्येक एजेंट को प्रतिदिन पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण-पत्र व अन्य सुविधाओं के लिए चार और नए पासपोर्ट व नवीकरण के लिए पांच आवेदन लेने की अनुमति दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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