कश्मीर फर्जी मुठभेड़ को लेकर गरमाई सियासत (लीड-2)

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है तो रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने इसकी जांच का भरोसा दिलाया है।

इस मुठभेड़ में सेना की एक टुकड़ी के जवानों ने तीन नागरिकों की हत्या कर दी थी।

उत्तरी कश्मीर के राफियाबाद के नादिहाल के रहने वाले तीनों नागरिकों शहजाद अहमद खान, रियाज अहमद लोन और मुहम्मद शफी लोन के शवों को कुपवाड़ा जिले के कलारूस गांव स्थित कब्रिस्तान से निकाला गया और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में परिजनों ने उनकी पहचान की।

इस मामले में एक पूर्व विशेष पुलिस अधिकारी बशीर अहमद और उसके सहयोगी फयाद अहमद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रांतीय सेना के जवान अब्बास हुसैन शाह को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। उसे इस षडयंत्र का सबसे बड़ा सूत्रधार माना जा रहा है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "लंबी पूछताछ के दौरान पूरे षडयंत्र का खुलासा हुआ। अब्बास हुसैन शाह इस षडयंत्र का सूत्रधार है। उसने सेना के एक मेजर और अन्य के साथ मिलकर तीनों नागरिकों की हत्या की साजिश रची थी।"

अधिकारी ने बताया कि तीनों से यह वादा किया था कि यदि वे माशिल सेक्टर में सेना के लिए मजदूरी का काम करेंगे तो उन्हें 2000 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि जब तीनों के शव दफनाने के लिए सौंपे गए थे और उन्हें घुसपैठिया बताया गया था तभी उन्हें मुठभेड़ के फर्जी होने का संदेह हो गया था। "क्योंकि सभी गोलियां तीनों के सिर में लगी थी और मुठभेड़ में ऐसा संभव नहीं होता। तीनों ने गर्मी के मौसम वाले कपड़े पहन रखे थे। घुसपैठियों के लिए बर्फबारी वाले इलाकों से इन कपड़ों में घुसपैठ करना संभव नहीं होता।"

ज्ञात हो कि सेना की ओर से 30 अप्रैल को यह दावा किया गया था कि उसने नियंत्रण रेखा पर माशिल सेक्टर में घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम की है, जिसमें तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया है। सेना की ओर से यह दावा भी किया गया था कि उसने इन घुसपैठियों से भारी मात्रा में हथियार व गोला बारूद बरामद किया है।

एंटनी ने इस मामले में अपनी टिप्पणी करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में फर्जी मुठभेड़ में निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि कश्मीर सरकार फर्जी मुठभेड़ मामलों की जांच करवा रही है। इसमें केंद्र सरकार उसे पूरी मदद करेगी। साथ ही सेना भी गंभीरतापूर्वक इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले पर पर्दा डालने का कोई सवाल नहीं उठता।

एंटनी ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से कहा कि यदि कोई इसमें दोषी पाया गया तो उसे कड़ी सजा मिलेगी।

उधर, माकपा ने इस घटना पर आश्चर्य जताते हुए केंद्र सरकार से इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

माकपा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "जम्मू एवं कश्मीर में सेना की एक टुकड़ी द्वारा तीन कश्मीरी युवकों की कथित तौर पर की गई हत्या पर माकपा गहरा दुख जताती है।"

बयान में कहा गया, "केंद्र सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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