चेक बाउंस के 38 लाख मामले लंबित
नई दिल्ली। केंद्रीय विधि मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि विशेष अदालतों का गठन जल्द किया जाए, ताकि 38 लाख चेक बाउंस मामालों का निपटारा हो सके। विधि मंत्रालय की प्रवक्ता विजया लक्ष्मी के अनुसार विधि एवं न्याय मंत्री वीरप्पा मोइली ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि विभिन्न राज्यों में विशेष अदालतों की स्थापना के लिए कोष का प्रावधान किया जाए।
विजया ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कोष के लिए कितनी राशि की जरूरत होगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मोइली ने जोर दिया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रमेन्ट्स एक्ट की धारा 138 से संबंधित मामलों में वृद्धि के मद्देनजर विशेष अदालतों का फौरन गठन किया जाना चाहिए।
केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को भेजे अपने पत्र में मोइली ने लिखा है कि निचली अदालतों में चेक बाउंस होने के 38 लाख मुकदमे लंबित हैं और विशेष अदालतों के गठन द्वारा इनका शीघ्र निपटारा जरूरी है।
विधि आयोग ने यह भी कहा कि चेक बाउंस होने के इतने ज्यादा मामले सामने आने से व्यापार की छवि को धक्का लगता है। चेक बाउंस होने के मुकदमों के कारण देश के भीतर और बाहर होने वाले व्यापार पर प्रभाव पड़ता है। विधि आयोग ने कहा था कि चेक बाउंस होने के मुकदमों का जल्द निपटारा होना चाहिए वरना न्यायिक व्यवस्था पर से शिकायत करने वालों का भरोसा उठ जाएगा। अगर इस तरह के मुकदमों का जल्द निपटारा होगा तो लोगों का न्याय व्यवस्था में विश्वास बढ़ेगा। चेक बाउंस का मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रमेन्ट्स एक्ट के तहत आता है जो केंद्रीय कानून है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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