दिल्ली में बुद्ध पूर्णिमा समारोहों में शामिल हुए कर्मापा (लीड-1)
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली में गुरुवार को बुद्ध पूर्णिमा उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कर्मापा सहित तिब्बत और नेपाल के अलावा देशभर से सैकड़ों बौद्ध भिक्षु और लामा यहां इकट्ठा हुए। कर्मापा तिब्बती बौद्ध धर्म की शिक्षाओं के वंश धारकों में सबसे महत्वपूर्ण हैं।
दक्षिण एशिया बौद्ध संघ के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ है जब हिंदू पंचांग और बौद्ध कैलेंडर के मुताबिक बुद्ध पूर्णिमा एक ही दिन पड़ी है।
संघ के एक सदस्य ने कहा, "इसलिए यह दिन बहुत पवित्र है। यही वजह है कि प्रार्थनाओं और समारोह के लिए देशभर से और तिब्बत व नेपाल से भिक्षु और लामा यहां इकट्ठे हुए हैं।"
संघ ने दक्षिण दिल्ली के कुतुब इंस्टीट्यूशनल क्षेत्र स्थित कर्मापा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन किया।
इस अवसर पर आयोजित समारोहों में तिब्बती बौद्ध धर्म की कर्मा काग्यू परंपरा के 17वें कर्मापा त्रिनले थाये दोरजे भी मौजूद थे। उन्होंने विश्व शांति और लोगों के बीच करुणा के प्रसार के लिए प्रार्थना की।
कर्मापा तिब्बती बौद्ध धर्म की कर्मा काग्यू परंपरा के आध्यात्मिक प्रमुख हैं।
कर्मापा ने कहा, "धर्म को जीवन के सबसे अच्छे लक्ष्यों के रूप में जाना जाता है और यह शांति व समृद्धि के पथ के रूप में सभी के द्वारा स्वीकृत है। मैं विश्व शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और बुराई को दूर करने और पूरे राष्ट्र के लोगों के बीच की अशांति को दूर करने और प्यार को बढ़ाने के लिए आप सभी से भी ऐसा करने को कहता हूं।"
बुद्ध पूर्णिमा वैसाख (अप्रैल या मई) की पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध की जयंती के यादगार दिवस के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक समारोहों के बीच पारंपरिक आध्यात्मिक उत्साह के साथ यह पर्व मनाया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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