दिल्ली में उत्साह से मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा
दक्षिण एशिया बौद्ध संघ के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ है जब हिंदू पंचांग और बौद्ध कैलेंडर के मुताबिक बुद्ध पूर्णिमा एक ही दिन पड़ी है।
संघ के एक सदस्य ने कहा, "इसलिए यह दिन बहुत पवित्र है। यही वजह है कि प्रार्थनाओं और समारोह के लिए देशभर से और तिब्बत व नेपाल से भिक्षु और लामा यहां इकट्ठे हुए हैं।"
संघ ने दक्षिण दिल्ली के कुतुब इंस्टीट्यूशनल क्षेत्र स्थित कर्मापा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन किया है।
इस अवसर पर आयोजित समारोहों में तिब्बती बौद्ध धर्म की कर्मा काग्यू परंपरा के 17वें कर्मापा त्रिनले थाये दोरजे भी मौजूद रहेंगे।
सुबह 11.30 बजे शुरू हुई प्रार्थनाएं शाम तक जारी रहेंगी।
संघ के एक सदस्य ने बताया, "प्रार्थनाओं के बाद हम भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित करेंगे। यह प्रक्रिया हमारी परंपरा का हिस्सा है।"
बुद्ध पूर्णिमा वैसाख (अप्रैल या मई) की पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध की जयंती के यादगार दिवस के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक समारोहों के बीच पारंपरिक आध्यात्मिक उत्साह के साथ यह पर्व मनाया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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