शोपियां कांड : चिकित्सकों ने की थी सबूतों से छेड़छाड़
चिकित्सकों के खिलाफ दायर आरोप पत्र में कहा गया है, "यह पता चला है कि आरोपी चिकित्सकों ने सबूत के साथ छेड़छाड़ की थी। उनका मकसद पुलिस और सुरक्षा बलों को बदनाम करना था। यह जम्मू एवं कश्मीर कर्मचारी अधिनियम-1971 का उल्लंघन है।"
आरोप पत्र के अनुसार, "प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि चिकित्सकों के इस रवैये की वजह से राज्य में हड़ताल के हालात पैदा हुए और लोगों की जानें गईं।"
उल्लेखनीय है कि 29 मई, 2009 को शोपियां में एक ही परिवार की दो युवतियों के शव बरामद किए गए थे। इसके बाद इस तरह के आरोप लगाए कि सुरक्षा बलों ने ही इन दोनों के साथ पहले दुष्कर्म किया और फिर इनकी हत्या कर दी। इस वजह से पूरी घाटी में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था।
बाद में इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई। फिर से हुए पोस्टमार्टम और चिकित्सकों से पूछताछ के बाद पता चला कि दोनों युवतियों की मौत से जुड़े सबूत के साथ छेड़छाड़ की गई ताकि सुरक्षा बलों पर कीचड़ उछाला जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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