पूर्व-कर्मचारियों की चिकित्सा सुविधा के लिए 141 करोड़ रुपये आवंटित
इसके अलावा कैबिनेट ने 17 चलित सैन्य अस्पताल सेवाएं और 15 नए क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी है। साथ ही कर्मचारी अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के केंद्रीय संगठन को नए सिरे से शुरू किया जाएगा।
141 करोड़ रुपये की आवंटित राशि में से 118.52 करोड़ रुपये जमीन की खरीद, निर्माण, चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर खर्च किये जाएंगे। वहीं फर्नीचर और सूचना तकनीक उपकरणों की खरीद पर 22.25 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। इसके अलावा इस पर 43 करोड़ रुपये का अन्य वार्षिक खर्च आएगा।
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि 426 पॉलिक्लीनिकों का यह नेटवर्क 343 जिलों में फैल जाएगा। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पूर्व-कर्मचारियों के लिए यह फायदेमंद साबित होगा।
बयान में कहा गया, "फिलहाल, 2,500 से कम जनसंख्या वाले ग्रामीण इलाकों में रहने वाले पूर्व-कर्मचारियों को इन पॉलिक्लीनिक्स में पहुंचने में काफी परेशानी होती है क्योंकि ये कई बार उनके घर से 200 से 300 किलोमीटर दूर होते हैं। ईसीएचएस को बढ़ावा देने से पूर्व-कर्मचारियों और उनके आश्रितों को चिकित्सा सुविधाएं दिलाने में काफी मदद मिलेगी।"
कैबिनेट ने नेपाली मूल के गोरखा (एनडीजी) के पूर्व कर्मचारियों और उनके आश्रितों की ईसीएचएस का भी विस्तार करने की अनुमति दे दी है। इनकी संख्या एक लाख है। कुल लागत 85 करोड़ निर्धारित की गई है।
बयान में कहा गया, "एनडीजी पूर्व कर्मचारियों के लिए योजना के विस्तार से उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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