असम के विद्रोही आत्मसमर्पण करें या खामियाजा भुगते : चिदंबरम
गुवाहाटी, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने मंगलवार को असम में उग्रवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। चिदंबरम ने कहा कि जब तक विद्रोही समूह हथियार डाल कर शांति वार्ता में शामिल नहीं हो जाते, तब तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई पूरे जोरशोर से जारी रहेगी।
राज्य के सुरक्षा हालात की समीक्षा करने यहां आए चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, "सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वे विद्रोहियों के खिलाफ हर हथकंडे अपनाएं। आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है, लिहाजा उन्हें हर हाल में हथियार डाल कर आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। अन्यथा सुरक्षा बलों से कहा गया है कि वे विद्रोहियों के साथ कड़ाई से निपटें।"
चिदंबरम ने कहा, "मुझे कहना चाहिए कि असम के सुरक्षा हालात में चमत्कारिक रूप से सुधार हुआ है। प्रमुख विद्रोही समूहों के कई शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।"
चिदंबरम ने असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ अलग से बैठक की। इसके अलावा उन्होंने एकीकृत कमान मुख्यालय की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें शीर्ष सैन्य व अर्धसैन्य कमांडरों के साथ ही पुलिस व सामान्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
चिदंबरम ने कहा, "आतंकी समूहों के साथ राजनीतिक प्रक्रिया मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की जाएगी। बातचीत किससे करनी है और कौन-सी शर्ते मानी जानी है या नहीं मानी जानी हैं, इसका निर्णय वह अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ राय मशविरा कर लेंगे।"
चिदंबरम ने कहा, "केंद्र सरकार किसी भी राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव मदद देगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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