भारतीय मूल की महिला त्रिनिदाद की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी (राउंडअप)
पोर्ट ऑफ स्पेन, 25 मई (आईएएनएस)। भारतीय मूल की कमला प्रसाद बिसेसर त्रिनिदाद एवं टोबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री चुनी गई हैं। कमला के पूर्वज उन लाखों भारतीय गिरमिटिया मजदूरों में से रहे हैं, जिन्हें 19वीं शताब्दी में कैरेबियाई द्वीपों में गन्ने के खेतों में काम करने के लिए लाया गया था। बिसेसर के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ताजा चुनाव में भारी जीत दर्ज करा कर सत्ताधारी पार्टी के 43 वर्षो के शासन का अंत कर दिया है।
कमला की पीपुल्स पार्टनरशिप पार्टी ने सोमवार को हुए मतदान में 41 में से 29 संसदीय सीटों पर कब्जा कर लिया। कमला को मंगलवार को राष्ट्रपति जार्ज मैक्सवेल रिचर्ड्स प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे।
पूर्व स्पेनी उपनिवेश, त्रिनिदाद एवं टोबैगो दक्षिणी कैरिबिया में स्थित है। यह मुख्य रूप से दो द्वीपों से बना हुआ है-त्रिनिदाद एवं टोबैगो। इसका क्षेत्र 5,120 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
58 वर्षीया कमला दो बच्चों की दादी और ईश्वर में अपार विश्वास रखने वाली हिंदू महिला है। अपनी इस शानदार उपलब्धि पर उन्होंने कहा, "मैं देश की महिलाओं का धन्यवाद करती हूं। उनके समर्थन और सहयोग के बगैर हम इतनी बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकते थे। मैं उनके माध्यम से ही इस जीत का जश्न मनाना चाहती हूं।"
कमला ने मौजूदा प्रधानमंत्री पैट्रिक मैनिंग को पदच्युत किया है। मैनिंग 2002 से प्रधानमंत्री हैं, जबकि उनकी पार्टी चार दशक से भी अधिक समय से शासन में थी।
22 अप्रैल 1952 में जन्मी कमला शिक्षित महिला हैं। उन्होंने लॉ-स्कूल में टॉप करने के साथ-साथ वेस्टइंडीज विश्वविद्यालय से प्रबंधन की डिग्री हासिल की हैं। इसके अलावा वह शिक्षा के क्षेत्र में डिप्लोमा भी कर चुकी हैं। वह देश में कई प्रमुख पदों पर काम कर चुकी हैं।
कमला के पूर्वज उन 148,000 भारतीय गिरमिटिया मजदूरों में से एक रहे हैं, जो 1845 से 1917 के बीच कैरेबियाई द्वीपों में गन्ने और कोकोआ के खेतों में काम करने के लिए लाए गए थे। त्रिनिदाद एवं टोबैगो की जनसंख्या 13 लाख है, जिसकी 44 फीसदी आबादी भारतीय है।
कमला सिपारिया संसदीय क्षेत्र से विगत 15 वर्षो से चुनी जाती रही हैं। वह तत्कालीन प्रधानमंत्री बासदेव पांडेय को दरकिनार करते हुए राजनीति में आईं थीं और उन्होंने अपनी पार्टी का नेतृत्व संभाला था।
वह तेल संपन्न इस देश में किसी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं। कमला ने युनाइटेड नेशनल कांग्रेस के नेतृत्व के लिए पिछले वर्ष 24 जनवरी को अपने गुरु पांडेय को चुनौती दी थी। इस पार्टी का गठन 20 वर्ष पहले किया गया था।
प्रधानमंत्री पैट्रिक मैनिंग ने परंपरा को तोड़ते हुए कोई 30 महीने पहले ही 41 सदस्यीय संसद को अप्रैल महीने में भंग कर दिया था और 24 मई को आम चुनाव की घोषणा कर दी थी।
अगस्त 1962 में मिली आजादी के बाद से पहली बार चार अन्य पार्टियों ने सत्ताधारी पीपुल्स नेशनल मूवमेंट से मुकाबले के लिए हाथ मिलाया था, जोकि पिछले 43 वर्षो से सत्ता में बना हुआ था।
अब जबकि कमला सत्ता के सर्वोच्च मुकाम पर पहुंच चुकी हैं, उन्हें मुख्य तौर पर अपनी पार्टी युनाइटेड नेशनल कांग्रेस के साथ-साथ कांग्रेस ऑफ द पीपुल (सीओपी), द नेशनल ज्वाइंट एक्शन कमिटी, टोबैगो आर्गेनाइजेशन ऑफ पीपुल्स और मूवमेंट फॉर सोशल चेंज नाम की अन्य पार्टियों के साथ मिलकर सरकार चलाना होगा। इन सभी पार्टियों ने पीपुल्स पार्टनरशिप के बैनर तले इस वर्ष चुनाव लड़ा है।
सीओपी के प्रमुख विंस्टन डूकेरान ने कहा, "जो भी बदलाव चाहता है, एक बेहतर त्रिनिदाद एवं टोबैगो चाहता है, उसका पीपुल्स पार्टनरशिप में स्वागत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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