संकट में जीजेएम, प्रमुख नेताओं का इस्तीफा (लीड-1)
शुक्रवार को अखिल भारतीय गोरखा लीग के अध्यक्ष मदन तमांग की हुई हत्या के लिए जीजेएम को जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोपों के बाद जीजेएम के प्रेस एवं प्रचार सचिव हरका बहादुर क्षेत्री ने अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। इस इस्तीफे से अलग गोरखा राज्य के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जीजेएम को गहरा झटका लगा है।
क्षेत्री ने मीडियाकर्मियों से कलीमपोंग शहर में कहा, "वर्तमान हालात में मैं जीजेएम के साथ अब और समय तक जुड़े रहना नहीं चाहता। मैं शांति चाहता हूं। इस पहाड़ी क्षेत्र के लोग शांति चाहते कलीमपोंग दार्जीलिंग हिल्स में दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
क्षेत्री के अलावा सी.आर.राय, भौजीत तमांग, पालडेन लामा, नारायण थापा और सी.के.सुब्बा सहित केंद्रीय समिति के सात अन्य सदस्यों ने भी सोमवार को पार्टी से अपने को अलग कर लिया।
इससे पहले दार्जीलिंग शहर में गोरखा नेता मदन तमांग की अंतिम यात्रा में सोमवार को लगभग 15,000 लोगों ने हिस्सा लिया। अंतिम यात्रा में शामिल लोग गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और उसके बैनर पोस्टर फाड़ते जा रहे थे।
इस बीच दार्जीलिंग रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक एन.रमेश बाबू ने कहा कि राज्य सरकार ने तमांग की हत्या की राज्य पुलिस की अपराध जांच शाखा (सीआईडी) से जांच कराने का आदेश दे दिया है।
विशेष पुलिस महानिरीक्षक पी.के.दत्ता के नेतृत्व में सीआईडी का एक दल प्रारंभिक जांच के लिए पहले से ही दार्जीलिंग में मौजूद है।
तमांग के अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। तमांग की दार्जीलिंग शहर में शुक्रवार को दिनदहाड़े खुखरी घोंप कर हत्या कर दी गई थी। उस समय वह पार्टी की एक रैली की तैयारी कर रहे थे।
अंतिम यात्रा में शामिल लोग 'मदन तमांग अमर रहे' के नारे लगा रहे थे। अंतिम यात्रा में न केवल तमांग के समर्थक शामिल थे, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक क्षेत्रों से तमाम महिलाएं, पुरुष व बच्चे भी शामिल थे।
उग्र पुरुषों और महिलाओं ने शहर में सड़कों पर लगे जीजेएम के बैनर, पोस्टर फाड़ डाले। दार्जीलिंग के इतिहास में किसी के अंतिम संस्कार में इतनी बड़ी भीड़ पहली बार उमड़ी थी।
अपने खिलाफ जनता की नाराजगी का अनुभव करते हुए जीजेएम ने जनता की भावनाओं को शांत करने के लिए दार्जीलिंग में सोमवार को 12 घंटे की व्यापारिक बंदी का रविवार को ही आह्वान किया था।
तमांग का शव गांधी रोड स्थित उनके आवास से सुबह निकाला गया और सबसे पहले क्लब साइड के पास स्थित एबीजीएल के कार्यालय ले जाया गया। वहां सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने नेता अंतिम अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
उसके बाद शव को चौकबाजार ले जाया गया, जहां आम जनता, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने शव पर पुष्प चक्र चढ़ाए।
अब शव को सुखया पोखरी पुलिस थानांतर्गत आने वाले मेघमा इलाके में स्थित तमांग के पैतृक घर ले जाया गया, जहां बौद्ध परंपरा के अनुसार शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिस ने जीजेएम प्रमुख बिमल गुरंग, उनकी पत्नी आशा गुरंग और महासचिव रोशन गिरि सहित जीजेएम के 13 नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ तमांग की हत्या के सिलसिले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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