विकास के लिए परमाणु दायित्व विधेयक का समर्थन करें : प्रधानमंत्री
कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने के मौके पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश के पास एक प्रभावी परमाणु मुआवजा दायित्व व्यवस्था हो। यदि हमें एक बड़ी परमाणु ऊर्जा शक्ति बनना है तो हमें इसकी आवश्यकता है।"
मनमोहन सिंह के अनुसार जिन पार्टियों की रुचि देश के विकास में है और जो देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को पूरा करने में रुचि रखती हैं उनको इसके समथर्न में आगे आना चाहिए।
परमाणु दुर्घटना के लिए नागरिक दायित्व विधेयक, 2010 किसी परमाणु दुर्घटना की स्थिति में परमाणु संयंत्र के संचालक द्वारा दिए गए मुआवजे की रकम को अधिकतम 500 करोड़ रुपये तक सीमित कर देता है। विपक्षी पार्टियों का तर्क है कि यह रकम बहुत कम है और चाहती हैं कि सरकार मुआवजे की रकम को बढ़ाए।
भारत और अमेरिका के बीच वर्ष 2008 में हुए परमाणु समझौते को लागू करने के लिए यह विधेयक एक प्रमुख आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "जहां तक अमेरिका के साथ हुए परमाणु समझौते का संबंध है, मुझे कोई संदेह नहीं है कि यह आगे बढ़ेगा।"
उल्लेखनीय है कि सरकार ने इस महीने के आरंभ में विधेयक को संसद में रखा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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