10 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य : प्रधानमंत्री
संप्रग सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरे होने पर विज्ञान भवन में आयोजित पहले औपचारिक संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संवाददाताओं के समक्ष इस वित्तीय वर्ष में 8.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारे दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकता हमारी सरकार द्वारा वर्ष 2004 से शुरू जनहितैषी नीतियों और कार्यक्रमों को मजबूत बनाने का प्रयास करना है।"
ऑक्सफोर्ड-कैंब्रिज शिक्षित अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान को सरकारी योजनाओं में निरंतर प्राथमिकता मिलती रहेगी।
उन्होंने एक तेज वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था पर जोर दिया जिससे लाभकारी रोजगार पैदा होता है और सरकार के महत्वाकांक्षी सामाजिक तथा आर्थिक एजेंडे के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध होता है।
उन्होंने कहा, "मध्यम अवधि में हमारा लक्ष्य 10 प्रतिशत वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर हासिल करना है। मैं आश्वस्त हूं कि हमारी बचत और निवेश के हिसाब से यह हासिल करने योग्य लक्ष्य है।"
वैश्विक मंदी के दौर में भी देश की अर्थव्यवस्था के अच्छे प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कि पहली प्राथमिकता वैश्विक मंदी से देश की अर्थव्यवस्था की सुरक्षा और समग्र विकास की गति को बाधित नहीं होने देना रही।
उन्होंने कहा, "संकट से पहले चार वर्षो तक हमारी वार्षिक वृद्धि दर नौ प्रतिशत थी। यह वर्ष 2008-09 में घटकर 6.5 प्रतिशत रही और वर्ष 2009-10 में सुधरकर 7.2 हुई। उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष में यह 8.5 प्रतिशत रहेगी।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच इसे सबसे बेहतर प्रदर्शनों में से एक माना जाता है।"
ऊंची महंगाई के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से कीमतों में गिरावट दिखाई दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर कड़ी निगाह रखे हुए है और राज्य सरकारों से भी इसके लिए प्रयास करने को कहा।
सिंह ने कहा, "बढ़ती कीमतें चिंता का विषय हैं। सरकार महंगाई को कम करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है इसलिए आम आदमी को परेशान नहीं होना है।"
उन्होंने कहा, "यह सही है कि महंगाई एक समस्या है और लोगों को प्रभावित कर रही है। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि दिसम्बर तक महंगाई की दर गिरकर पांच-छह प्रतिशत हो जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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