'धूप से दूरी बन सकती है अवसाद का सबब'
'द मिरर डॉट को डॉट यूके' की एक रपट के अनुसार एक अध्ययन के मुताबिक धूप से बचाव करने से ही भले ही सूर्य की किरणों के हानिकारक विकिरण से बचा सकता हो, लेकिन यह विटामिन डी की कमी को भी बढ़ाता है। यद्यपि अपनी त्वचा को खतरनाक विकिरण से बचाना जरूरी है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोग हद से आगे बढ़ जाते हैं। यह अध्ययन 'ब्रिटिश मेडिकल जर्नल' में प्रकाशित हुआ है।
अध्ययन का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर सिमॉन पीर्स और टाइम चीथम के मुताबिक लोग अपनी त्वचा को बचाने के लिए धूप से बचने की कोशिश मे लगे हैं, जबकि धूप शरीर में विटामिन डी के लिए जरूरी है। धूप से हमेशा दूर रहने के कारण हड्डी की समस्या पैदा हो सकती है। यहां तक कि इससे सूखा रोग, ऑस्टियोपोरेसिस, अवसाद और वजन बढ़ने जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
अध्ययन में हालांकि यह नहीं कहा गया है कि व्यक्ति को धूप में कितनी देर रहना चाहिए लेकिन यह जरूर कहा गया है कि सुरक्षित धूप लेना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक दिन भर में इंसान को कम से कम 20 मिनट धूप की जरूरत पड़ती है ताकि शरीर पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी का उत्सर्जन करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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