ब्लैक बॉक्स मिला, परिजनों ने किया प्रियजनों का अंतिम संस्कार (राउंडअप)
एयर इंडिया के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव ने मैंगलोर में कहा कि कम से कम 146 शवों की पहचान उनके परिजनों ने रविवार शाम तक कर ली है। इनमें से ज्यादातर शव बुरी तरह जले हुए हैं।
मैंगलोर के वेनलॉक सरकारी अस्पताल में हृदय विदारक दृश्य देखने को मिल रहे हैं। हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों और मित्रों को शवों में से अपनों की तलाश करने के पीड़ादायक अनुभव से गुजरना पड़ रहा है। शवों की शिनाख्त होने के पश्चात चिकित्सक शवों का पोस्टमार्टम कर रहे हैं।
मैंगलोर के पुलिस उपाधीक्षक आर.राजेश ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सात-आठ और शवों की पहचान उनके परिजनों द्वारा कर ली जाएगी, लेकिन लगभग 20 शवों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण की आवश्यकता पड़ सकती है।"
शनिवार सुबह हुए इस हादसे में 158 लोगों की मौत हुई थी। जिनमें 19 बच्चे और चार नवजात शिशु थे। मारे गए सभी लोग भारतीय थे, जो खाड़ी में कार्यरत थे।
पहचाने जाने वाले शवों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल के कर्मचारी तेजी के साथ उनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने की जद्दोजहद में जुटे रहे ताकि शवों के खराब होने से पहले ही उन्हें उनके संबंधियों के सुपुर्द किया जा सके।
मुंबई निवासी विमान के सहपायलट कैप्टन एच.एस.अहलूवालिया और ठाणे निवासी एयरहोस्टेस तेजल कामुलकर के शव की भी पहचान हो गई है।
विमान के ब्लैक बॉक्स के लिए दुर्घटना स्थल पर गहन तलाशी अभियान चलाया गया। रविवार शाम तक मैंगलोर हवाईअड्डे के सूत्रों ने दावा किया कि नागरिक उड्डयन निदेशालय (डीजीसीए) के एक दल ने ब्लैक बॉक्स को बरामद कर लिया है।
डीजीसीए की ओर से हालांकि ब्लैक बॉक्स पाए जाने की औपचारिक घोषणा की जानी अभी बाकी है।
कासरगोड और कन्नूर जिलों में रविवार सुबह 30 शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके साथ ही केरल के इन दोनों उत्तरी जिलों में गम का माहौल कायम रहा।
हादसे में मारे गए पीड़ितों में से कम से कम 66 व्यक्ति मलयाली थे। इनमें से 44 की पहचान की जा चुकी है।
कासरगोड जिले के एक छोटे-से गांव पारेप्पू में सात शवों का अंतिम संस्कार किया गया है।
इनमें से एक दुखद कहानी कन्नूर निवासी 46 वर्षीय अब्दुल समद की है। वह तीन वर्षो बाद अपनी पत्नी व बच्चों से मिलने घर आ रहे थे। वह पिछले 18 वर्षो से दुबई में थे।
समद के एक रिश्तेदार ने कन्नूर से आईएएनएस को बताया, "वह पिछले सप्ताह अपनी छुट्टी के दौरान ही आने वाला था। लेकिन कुछ कारणों से उसने एक सप्ताह के लिए अपनी यात्रा स्थगित कर दी। जब विमान आग की लपटों में घिर गया, उस समय उसकी पत्नी और बच्चे हवाईअड्डे पर उसे लेने के लिए मौजूद थे।"
हादसे के दौरान बच गए सभी आठ यात्रियों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। शहर के विभिन्न अस्पतालों में इनका इलाज चल रहा है।
एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने मुंबई में कहा कि शवों की शिनाख्त और परिजनों को उसे सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों को किसी प्रकार की कोई तकलीफ न हो, इसके लिए कई दल बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिजनों को मैंगलोर लाने और ले जाने के लिए अतिरिक्त विशेष विमानों की व्यवस्था की गई है।
ज्ञात हो कि दुबई से मैंगलोर आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या आईएक्स 812 मैंगलोर के बाज्पे हवाई अड्डे पर उतरते वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान में सवार सभी यात्री भारतीय थे जो दुबई से अपने घरों को लौट रहे थे।
दूसरी ओर एयर इंडिया ने विमान हादसे में मारे गए मृतकों में 12 वर्ष से अधिक आयु वालों के परिजनों को 10 लाख रुपये और 12 साल से कम आयु के मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की अंतरिम सहायता की घोषणा की है।
एयर इंडिया के प्रमुख अरविंद जाधव ने रविवार को कहा कि पूरा मुआवजा मिलने तक यह अंतरिम राहत है।
उन्होंने कहा कि विमान दुर्घटना में घायल हुए हर व्यक्ति को दो लाख रुपये की राहत दी जाएगी।
जाधव ने कहा कि यह राहत प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) द्वारा पहले घोषित अनुग्रह राशि के अलावा है।
उन्होंने कहा कि एक बीमा कंपनी से बात करने के बाद एयर इंडिया ने अंतरित राहत तय की है। शेष मुआवजा मिलने के समय इस राशि को समायोजित किया जाएगा।
जाधव ने कहा कि मुआवजे को लेकर कोई भी विवाद स्थानीय प्रशासन निपटाएगा।
उन्होंने मीडिया से संयम बरतने और दुबई से मैंगलोर आ रही उड़ान के कारणों के बारे में अटकलें नहीं लगाने का आग्रह किया। अटकलबाजी से मुआवजे की प्रक्रिया प्रभावित होगी। इसका अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव होगा।
हादसे के बाद बचाव कार्य में सहयोग करने वाले ग्रामीणों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने बहुत मदद की।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विमान को उड़ाने से पहले दोनों पायलटों ने पर्याप्त आराम किया था। साथ ही दोनों पायलट बेहद अनुभवी थे।
उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications