हैदराबाद में सोमवार से वैश्विक दूरसंचार सम्मेलन (लीड-1)
145 वर्ष पुरानी संस्था अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संगठन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञ, नीति निर्माता और 191 से अधिक सदस्य देशों के व्यावसायिक संगठनों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाग लेंगे। इस सम्मेलन के निष्कर्षों को हैदराबाद एक्शन प्लान के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
संगठन के सचिवालय के मुताबिक यह एक्शन प्लान विश्व में संचार एवं सूचना तकनीक को बढ़ावा देने के लिए फायदेमंद साबित होगा।
60 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं और इनकी संख्या में हर महीने 2 करोड़ की बढ़ोतरी वाले देश में यह आयोजन पहली बार हो रहा है। पहली बार यह आयोजन 1994 में ब्यूनस आयर्स में हुआ था।
सम्मेलन में सुरक्षा के व्यापक प्रबंधों के तहत साइबराबाद पुलिस ने रविवार को आईटी जिले में हाइटेक सिटी में स्थित हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसआईसीसी) का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
जेनेवा स्थित आईटीयू ने कहा कि 25 मई को एक विश्व टेलीकम्युनिकेशन डेवलपमेंट रिपोर्ट जारी की जाएगी। इसके साथ ही आईटीयू के तीन अध्ययन इसके अगले दिन जारी होंगे।
सम्मेलन में ब्रॉडबैंड विस्तार, डिजिटल प्रसारण, साफ्टवेयर उपलब्धता, साइबर सुरक्षा, अक्षम व्यक्तियों के लिए तकनीक तक पहुंच, ई-एप्लीकेशंस और आपात संचार से जुड़े नियमों और नीतियों पर चर्चा की जाएगी।
केंद्रीय दूरसंचार और सूचना मंत्री ए.राजा सम्मेलन में विश्व दूरसंचार विकास रिपोर्ट का विमोचन करेंगे। साथ ही भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। दूरसंचार विभाग के सचिव पी.जे.थामस और अन्य सरकारी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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