नारंगी होता है ब्लैक बॉक्स
दुर्घटना के बाद ही आमतौर पर इसकी खोज होने के कारण इसे ब्लैक बॉक्स कहा जाता है और रंग से इसके नाम का कोई संबंध नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार वास्तव में दो उपकरणों-डिजिटल कॉकपिट वायस रिकार्डर और फ्लाइट डाटा रिकार्डर को आम बोलचाल के तौर पर ब्लैक बॉक्स कहा जाता है। इनसे दुर्घटना के कारणों की जांच में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।
कॉकपिट वायस रिकार्डर, कॉकपिट में हुई किसी भी बातचीत और हवाई यातायात नियंत्रक के साथ हुई वार्ता को रिकार्ड करता है, जिससे किसी भी दुर्घटना के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलता है।
फ्लाइट डाटा रिकार्डर में विमान की उड़ान का विवरण मसलन उसकी गति, इंजन की स्थिति, हवा की गति, ऊंचाई, राडार की स्थिति दर्ज होती है जो दुर्घटना की जांच में महत्वपूर्ण है।
इन उपकरणों को स्टील के ठोस बक्से में रखा जाता है और उसमें अत्यधिक तापमान सहने की क्षमता होती है। इस बॉक्स में पानी के अंदर स्थिति का पता बताने वाला एक यंत्र भी लगाया जाता है जो विमान के पानी डूबते ही काम करने लगता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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