ताइवानी उत्पादों पर चीन का नाम लिखने की मांग का विरोध
ताइपे, 23 मई (आईएएनएस)। ताइवान ने चीन को निर्यात होने वाले ताइवानी उत्पादों पर 'मेड इन ताइवान, चीनी प्रांत' लिखने की मांग का विरोध किया है। ताइवान ने चीन से अपनी मांग छोड़ देने को कहा है।
लिबर्टी टाइम्स समाचार पत्र के मुताबिक ताइवान के उप वित्तमंत्री लिन शेंग-चंग ने कहा, "हमें चीन की यह मांग मंजूर नहीं है, हम इस समस्या के समाधान के लिए चीन से बातचीत करेंगे।"
उन्होंने कहा, "ताइवान और चीन दोनों ही डब्ल्यूटीए (विश्व व्यापार संगठन) के सदस्य हैं, ताइवान को डब्ल्यूटीए में अलग शुल्क क्षेत्र का दर्जा प्राप्त है। चीन की यह मांग डब्ल्यूटीओ के नियमों का उल्लंघन करती है और ताइवान के निर्यातकों के हितों के खिलाफ है।"
रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने 2005 में चीन द्वारा खरीदे जाने वाले ताइवानी उत्पादों पर 'ताइवान, चीन' या 'ताइपे, चीन' लिखने की शर्त लगाई थी।
हालांकि हाल तक चीन की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन परिषद की इस मांग को चीन के सीमा शुल्क विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया था।
लेकिन पिछले कुछ महीनों में चीन ने 'मेड इन ताइवान' लिखे ताइवानी उत्पादों को चुनकर उन्हें अस्वीकार करना शुरू कर दिया है।
समाचार पत्र ने चीन के गुआंगदोंग राज्य में एक सरकारी एजेंसी द्वारा जारी किए गए एक दस्तावेज को प्रकाशित किया है जिसमें कहा गया है कि ताइवान को 'ताइवान, चीन' या 'ताइपे चीन' ही कहा जाए।
ताइवान में अपने देश के संप्रभु होने पर जोर देता है। फिलहाल 23 देशों ने ताइवान को मान्यता दी है। लेकिन चीन अभी तक उसे अपने से अलग हुआ राज्य मानता है और उसे अपनी मुख्य भूमि में शामिल करना
चाहता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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