मैंगलोर विमान हादसा : केरल में 30 का अंतिम संस्कार
कासरगोड, 23 मई (आईएएनएस)। मैंगलोर में शनिवार को हुए विमान हादसे में मारे गए 158 लोगों में से 30 का अंतिम संस्कार केरल के कासरगोड और कन्नूर जिलों में रविवार सुबह किया गया।
इस हादसे में मारे गए लोगों में से 66 का संबंध केरल से होने के कारण राज्य में शोक की लहर है। इनमें से 54 की शिनाख्त हो चुकी है जबकि अन्य की पहचान की कोशिशें जारी हैं।
कासरगोड के छोटे से गांव पारेप्पु में कई लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। मैंगलोर सीमा से सटे नीलेश्वरम शहर में विमान हादसे में मारे गए लोगों के सम्मान में सोमवार को दुकाने बंद रहेंगी।
हादसे में मारे गए लोगों में कन्नूर के 46 वर्षीय अब्दुल समद की कहानी बहुत हृदयविदारक है। वह तीन साल बाद अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने आ रहे थे। वह 18 बरसों से दुबई में थे।
समद के एक संबंधी ने आईएएनएस को बताया, "वह पिछले सप्ताह छुट्टियां बिताने आने वाले थे लेकिन किसी कारणवश उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। जिस समय विमान शोलों से घिरा, उनकी पत्नी और बच्चे उस समय हवाई अड्डे पर मौजूद थे।"
आईटी प्रोफेशनल शिबु ने अपनी पत्नी और बच्चों को दुबई में छुट्टियां होने की वजह से भारत रवाना किया था और अब उनके संबंधी शिबू की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि वह अपनी पत्नी रोशिली और छह तथा नौ बरस के बच्चों का अंतिम संस्कार कर सकें।
जहां बहुत से लोग अब तक अपने दुख से उबर नहीं पाए हैं वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो उस विमान में सवार न होने के लिए ईश्वर को धन्यवाद दे रहे हैं। ऐसे ही भाग्यशाली लोगों में कन्नूर से कांग्रेस विधायक ए.पी. अब्दुल्ला कुट्टी भी हैं।
कुट्टी जो कुवैत में थे, उन्होंने आखिरी मौके पर यह महसूस होने के बाद अपनी बुकिंग रद्द कराने का फैसला किया था कि उनके पास इतना समय नहीं है कि वह कुवैत से दुबई पहुंचकर विमान में जा पाएं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान की जगह कुट्टी को एमिरेट्स के विमान से कोझिकोड के करिप्पुर लौटना पड़ा।
कुट्टी ने बताया, "मेरे कोझिकोड उतरने पर मुझे इस हादसे की जानकारी मिली। इस हादसे की जानकारी मिलने के बाद मेरी बेटी रोने लगी। वह तभी शांत हुई जब मेरी पत्नी ने उसे कोझिकोड पहुंचने की जानकारी दी।"
सभी राजनीतिक दलों के नेता दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर मैंगलोर तथा पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात के लिए जा रहे हैं।
शनिवार को हुए इस हादसे में 158 लोग मारे गए थे। मरने वालों में 19 बच्चे और चार नवजात शिशु थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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