मणिपुर में 42वें दिन भी नाकेबंदी जारी
मणिपुर सरकार के प्रवक्ता एन. बीरेन सिंह ने कहा, "हमने राष्ट्रीय राजमार्ग 53 (असम के रास्ते) कुछ आपूर्ति की व्यवस्था की है। इसके अलावा असम और देश के अन्य हिस्सों से कई उड़ानों के माध्यम से भोजन, दवाएं और ईंधन को मंगाया गया है।"
मणिपुर में यह उथलपुथल अप्रैल में शुरू हुई थी। राज्य सरकार द्वारा स्वायत्त परिषद के चुनाव के निर्णय के विरोध में 11 अप्रैल से नागा समूहों ने एक अनिश्चितकालीन नाकेबंदी शुरू कर दी थी। इसके बाद छह मई को राज्य सरकार ने नागा अलगावादी नेता थुइंगालेंग मुइवा को उखरूल जिले में जाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया।
नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड इसाक-मुइवा गुट के नेता मुइवा के उखरूल जिले में जाने के निर्णय के बाद छह मई को उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई जिसमें तीन नागा प्रदर्शनकारी मारे गए थे।
मणिपुर सरकार का कहना है कि मुइवा के दौरे से राज्य में सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है।
नागा प्रदर्शनकारियों ने मणिपुर के लिए जीवनरेखा कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 39 को जाम कर दिया है जिससे पड़ोसी राज्य नागालैंड में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले सैकड़ों ट्रक खड़े हुए हैं।
इसकी वजह से मणिपुर में गंभीर खाद्य संकट उत्पन्न हो गया। इसके बाद राज्य सरकार को हवाई मार्ग से जरूरी वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति के लिए बाध्य होना पड़ा।
मणिपुर सरकार ने रविवार को एक बाद फिर कहा कि मुइवा की यात्रा को अनुमति न देने के अपने फैसले पर वह कायम है।
मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने कहा, "किसी भी परिस्थिति में हम मुइवा को राज्य में प्रवेश नहीं करने देंगे। राज्य के लोग आर्थिक नाकेबंदी की वजह से हो रही चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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