सुलभ शौचालय विदेशों में जाएगा
सुलभ शौचालय आंदोलन के संस्थापक डा.बिंदेश्वर पाठक ने रोड आईलैंड में शुक्रवार को चार दिवसीय विश्व पर्यावरण और जल संसाधन कांग्रेस में अपने संगठन की इस योजना की घोषणा की।
सम्मेलन में सिविल इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए पाठक ने सफाई और स्वच्छता के संयुक्त राष्ट्र के सदी के विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों को अपने संगठन से जुड़ने की अपील की।
पाठक और उनके दल ने शौचालयों की एक ऐसी तकनीकी विकसित की है जो न केवल कम लागत वाली है वरन बायोगैस के उत्पादन में भी उपयोगी है। बायोगैस के लिए मानव मल का उपयोग स्वास्थ्य खतरों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रास्ता है।
उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में भारतीय शौचालय प्रणाली को लोकप्रिय बनाने के लिए सुलभ सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करेगा।
भारतीय स्वयंसेवी संस्था ने पहले ही अफगानिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, चीन, भूटान, नेपाल, लाओस, इथोपिया और अन्य विकासशील देशों में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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