सीबीएसई 12वीं के नतीजों में छात्राओं ने बाजी मारी (राउंडअप)

शुक्रवार को दिल्ली, गुवाहाटी और इलाहाबाद क्षेत्रों के नतीजे घोषित किए गए। सीबीएसई प्रवक्ता रमा शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष सफल छात्र-छात्राओं का प्रतिशत 81 था, जबकि इस वर्ष इसमें 1.13 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

शर्मा ने कहा कि इस वर्ष 79.87 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। परीक्षा में 75.90 प्रतिशत छात्र और 85.28 प्रतिशत छात्राएं उत्तीर्ण रहीं।

नतीजों में चेन्नई अव्वल रहा। यहां 92.12 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल रहे। परीक्षा में सफल रहने वाले नियमित छात्र-छात्राओं का प्रतिशत 81.95 और पत्राचार से पढ़ाई करने वालों का प्रतिशत 41.99 रहा।

अजमेर, चेन्नई और पंचकुला क्षेत्रों के 12वीं के नतीजों की घोषणा बुधवार को हो गई थी। सीबीएसई के प्रवक्ता के अनुसार सीबीएसई की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सीबीएसई डॉट एनआईसी डॉट इन पर सुबह आठ बजे के करीब नतीजे अपलोड कर दिए गए।

छात्रों को ई-मेल जरिए भी नतीजे मिल सकते हैं, इसके लिए उन्हें वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट रिजल्ट्स डॉट एनआईसी डॉट इन, डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सीबीएसई रिजल्ट्स डॉट एनआईसी डॉट इन और डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सीबीएसई डॉट एनआईसी डॉट इन पर पंजीकरण कराना होगा।

दिल्ली में 12वीं के नतीजे की घोषणा के बाद छात्र-छात्राओं ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। दिल्ली पब्लिक स्कूल, आर.के.पुरम की छात्रा आकांक्षा शर्मा ने कहा, "मुझे 95 फीसदी अंक मिले हैं। मैं काफी खुश हूं और परिणाम से संतुष्ट भी हूं। अब मैं अर्थशास्त्र विषय से सेंट स्टीफन कॉलेज से पढ़ाई करना चाहती हूं।"

उधर, मयूर विहार स्थित बाल भवन पब्लिक स्कूल के छात्र साहिल वर्मा ने कहा, "12वीं में मुझे 74 फीसदी अंक हासिल हुए। मैं अपने परिणाम से खुश नहीं हूं। मैं उत्तर पुस्तिकाओं को फिर से जांच के लिए भेजने की योजना बना रहा हूं।"

देश भर में जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के छात्र-छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे अच्छा रहा। इन विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.31 फीसदी रहा। पिछले वर्ष वहां के सफल परीक्षार्थियों का प्रतिशत 94.09 था।

जेएनवी के बाद केंद्रीय विद्यालय (केवी) के छात्र-छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे अच्छा रहा। इन विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत 91.13 फीसदी रहा। सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में अच्छा रहा। इस बार सरकारी विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत 84.49 फीसदी रहा।

पब्लिक स्कूलों का प्रदर्शन पिछले वर्ष की तुलना अच्छा नहीं रहा। इन विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत 79.42 रहा। इसमें 1.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

सीबीएसई से मान्यता प्राप्त केंद्रीय तिब्बती विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत 79.25 रहा।

सीबीएसई के अनुसार इस वर्ष परीक्षा में नकल करने के 43 मामले सामने आए थे, जबकि पिछले वर्ष ऐसे 58 मामले दर्ज हुए थे।

गौरतलब है कि इस वर्ष सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में 699,129 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिसमें 408,367 लड़के और 290,762 लड़कियां थीं।

चेन्नई के एक स्कूल की दो छात्राओं ने शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि दिल्ली के तीन छात्रों ने 97.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं।

चेन्नई के डीएवी गर्ल्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल की विज्ञान संकाय की इन दोनों छात्राओं स्वाति पुस्र्ती और आर. गरिमा ने 98-98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।

स्वाति ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "कड़ी मेहनत और लगन के कारण उन्हें यह सफलता मिली है। मैंने अपने आप को पढ़ाई में लीन कर लिया था। साथ ही यह ईश्वर और मेरे माता-पिता के आशीर्वाद का नतीजा है।"

दिल्ली के पीतमपुरा में स्थित रुकमणि देवी पब्लिक स्कूल की छात्रा स्नेहा अग्रवाल ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल किया है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मैं बहुत खुश हूं। मैंने प्रतिदिन केवल एक घंटे पढ़ाई। मैंने अच्छे परिणाम की आशा की थी लेकिन दिल्ली में शीर्ष स्थान पाने के बारे में नहीं सोचा था।"

उधर, सीबीएसई की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक भले ही उत्तीर्ण छात्रों के प्रतिशत में 1.13 प्रतिशत की कमी आई लेकिन इस साल मेरिट हासिल करने वाले छात्रों की संख्या 60 फीसदी बढ़ गई है।

बोर्ड के मुताबिक पिछले वर्ष जहां 5712 छात्र-छात्राओं को मेरिट प्रमाण पत्र दिया गया वहीं इस वर्ष नौ हजार से अधिक विद्यार्थियों को यह प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

इस वर्ष गणित विषय में कुल 160 छात्रों ने 100 में 100 अंक हासिल किए हैं। इसी तहर भौतिकी में 14, रसायन शास्त्र में 56 और जीव विज्ञान में 44 छात्रों ने शत प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अंग्रेजी में सबसे ज्यादा 3788 छात्रों ने 95 से अधिक अंक हासिल किए। इनमें पांच छात्रों के शत प्रतिशत अंक हैं। इतिहास में एक, राजनीतिक विज्ञान में तीन और अर्थशास्त्र में नौ छात्रों को 100 फीसदी अंक हासिल हुए हैं।

परीक्षा में शामिल हुए 199,448 छात्रों में से 14 विकलांग छात्रों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किया है।

इस साल 12वीं की परीक्षा के लिए कुल 1,304 विकलांग छात्रों में 249 नेत्रहीन, 41 बधिर, 672 शारीरिक रूप से विकलांग और 296 डिस्लेक्सिया ग्रस्त छात्रों ने फार्म भरा था। इनमें से 1,273 छात्रों ने यह परीक्षा दी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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